धर्मांतरण मामला: ATS की ओर से कोर्ट में दाखिल रिमांड अर्जी में चौंकाने वाले खुलासे

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में अवैध धर्म परिवर्तन मामले की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है. दरअसल ये खुलासा मामले के जांच अधिकारी की ओर से कोर्ट में दी गई अर्जी से हुआ है. बता दें ये अर्जी आरोपियों उमर गौतम और जहांगीर को रिमांड पर लेने के लिए दी गई थी. यूपी एटीएस जांच के बाद कोर्ट में दाखिल रिमांड अर्जी में बताया गया है कि आरोपियों से धर्मांतरण के रजिस्टर बरामद हुए हैं.

बताया गया है कि यही नहीं मोबाइल डिटेल से भी बड़ी जानकारियां मिली हैं. देश की आबादी संतुलन को बदलने की साजिश की जा रही है. विदेशी संस्थाओं की फंडिंग की जा रही है, जिसमें पाकिस्तानी खुफ़िया एजेंसी आईएसआई भी शामिल है. यही नहीं रिमांड अर्जी में कहा गया है कि आरोपियों द्वारा धर्म बदलने वालों के मन में उनके मूल धर्म के लिए नफरत भरी गई. देश का माहौल बिगाड़ने की साजिश हुई. अर्जी में कहा गया है कि गिरफ्तार आरोपियों से बरामद धर्मांतरण के रजिस्टर पर पूछताछ होगी. बरामद मोबाइल की डिटेल से जानकारी मिल रही है कि विदेशी संस्थाओं, विदेशी ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई के निर्देश और फंडिंग के आधार पर देश की जनसंख्या संतुलन को तेज़ रफ़्तार से बदल रहे हैं. धर्म परिवर्तन किए गए लोगों में उनके मूल धर्म के लिए नफ़रत से भर कर रेडिक्लाइज किया जा रहा है. ऐसे लोग आपसी नफ़रत फैलाकर देश का माहौल बिगाड़ रहे हैं, जिससे लोक व्यवस्था और शांति व्यवस्था बिगड़ने के हालात पैदा हो रहे हैं.

बता दें गिरफ्तारी के बाद यूपी एटीएस को उमर गौतम और जहांगीर की 7 दिन की रिमांड मिली है. पुलिस का कहना है कि इन दोनों ने अब तक गरीब महिलाओं के साथ मूक-मधिर गरीब बच्चों और दिव्यांग लोगों  को मिलाकर 1000 से ज्‍यादा लोगों का धर्मांतरण कराया है. एटीएस के मुताबिक, उमर और जहांगीर न सिर्फ लालच, बल्कि डरा-धमका कर भी धर्म परिवर्तित करवाते थे. इसके अलावा ये लोग धर्म परिवर्तन करने वाले लोगों के मन में उनके मूल धर्म के बारे में नफरत भी भरते थे.

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