क्रेडिट कार्ड हैक हो तो क्या करें

दिल्ली. दिनोंदिन क्रेडिट और डेबिट कार्ड को हैक करने के नए-नए तरीके सामने आ रहे हैं। आम तौर हैकिंग के मामले में गैर भरोसेमंद साइट्स पर शॉपिंग के चलते ही होती हैं, जिस दौरान आपसे जुड़ी गोपनीय जानकारियां लीक हो जाती हैं। इसके अलावा मेल्स और ऐप्स से मालिशियस सॉफ्टवेयर डाउनलोड किए जाने की स्थिति में आपके सिस्टम या मोबाइल से फोन से डाटा लीक हो सकता है। ऐसी जानकारियों के सहारे हैकर्स आपका कार्ड हैक करते हैं और पैसा उड़ा लेते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि हैकिंग के शिकार होने के बाद यूजर्स को क्या करना चाहिए। हम यहां ऐसे ही 4 कदमों के बारे में बता रहे हैं, जो हैकिंग के तुरंत बाद उठाए जाने चाहिए।

# क्रेडिट कार्ड हैक हो तो क्या करें

1. बैंक को दें सूचना

अगर आप हैकिंग के शिकार बन जाते हैं या आपको अपने बैंक अकाउंट या कार्ड स्टेटमेंट में किसी अनधिकृत लेनदेन के बारे में पता चलता है तो आपको तुरंत इसकी सूचना बैंक को देनी चाहिए। सभी बैंकों या कार्ड कंपनियों के कस्टमर केयर हेल्पलाइन नंबर 24 घंटे चालू रहते हैं, जो कार्ड के पीछे दिए होते हैं या आप इन्हें वेबसाइट से भी हासिल कर सकते हैं। आप जितना जल्दी ही बैंक को सूचना देंगे, उतनी जल्दी ही इसका समाधान शुरू हो जाएगा। अधिकांश कार्ड कंपनियां कार्ड के गलत इस्तेमाल की सूचना देने के लिए कस्टमर्स को आईवीआर या फोनबैंकिंग पर प्रायोरिटी सेवाएं उपलब्ध कराती हैं।

2. कार्ड ब्लॉक हुआ या नहीं

हैकिंग की शिकायत पर आम तौर पर बैंक कार्ड को तत्काल ब्लॉक कर देता है। हालांकि आपको कस्टमर केयर पर दुबारा पूछताछ करनी चाहिए कि कार्ड ब्लॉक हुआ है या नहीं। अगर आपकी व्यक्तिगत जानकारी लीक हो गई है तो कार्ड को कैंसिल कराना और नया कार्ड लेना ही सही होता है। बैंक आपको एक नया कार्ड भेजेगा, लेकिन आपको एक या दो हफ्ते तक इंतजार करना भी पड़ सकता है

3. मेल जरूर भेजें फाइनेंशियल फ्रॉड से के संबंध में बैंक के साथ किए गए कम्युनिकेशन से संबंधित रिफरेंस नंबर अपने पास जरूर रखें। हेल्पलाइन नंबर पर हुए संवाद के बारे में बैंक कस्टमर केयर मेल आईडी पर भी सूचना भेजें। धोखाधड़ी वाले लेनदेन के सभी प्रूफ, जैसे-स्क्रीनशॉट, स्टेटमेंट की कॉपी, ईमेल या अलर्ट अपने पास संभालकर रखें। 4. नुकसान की भरपाई के लिए करें आवेदन इस हैकिंग में अगर आपको आर्थिक नुकसान होता है तो कुछ परिस्थितियों में बैंक द्वारा इसकी भरपाई की जाएगी। हालांकि अगर आप सूचना देने में 3 दिन से ज्यादा की देरी करते हैं तो आपको नुकसान का पूरा पैसा या बैंक की पॉलिसी के हिसाब से रकम जमा करनी होगी। अगर आपकी कोई गलती नहीं है और आपने 3 दिन के भीतर बैंक को सूचना दे दी है तो आरबीआई के नियमों के तहत बैंक इस ट्रांजैक्शन की जांच करेगा। इस प्रक्रिया में संभवतः 120 दिन लग जाते हैं। इस बीच आपको नुकसान की पूरी भरपाई की जाएगी। आपको पैसे की रिकवरी के लिए पूरा प्रोसिजर फॉलो करना पड़ सकता है। हालांकि, जांच में आपकी गलती निकलती है तो नुकसान का पूरा बोझ आपको ही उठाना पड़ेगा।#अगर डेबिट कार्ड हैक हो जाए तो& 1- कार्ड हैक हो जाने पर सबसे पहले कस्टमर केयर पर फोन करके उसे ब्लॉक कराएं और इसकी जानकारी बैंक को दें। कार्ड खो जाने की स्थिति में भी आपको ऐसा ही करना होगा। 2-बैंक के कस्टमर केयर पर कॉल करके तत्काल अपने कार्ड की सारी सर्विसेज बंद करा दें। 3-जिस बैंक का एटीएम आप रखते हों वहां जाकर नए कार्ड के लिए अप्लाई कर दें। याद रखें कि आपको कार्ड खोने की FIR भी दर्ज करानी होगी। बैंक की तरफ से इसकी मांग की जा सकती है। 4- नेट बैकिंग यूज करते हैं तो एकाउंट का पासवर्ड बदल दें। हो सके तो अकाउंट में जमा पैसे को नेट बैंकिंग के जरिए किसी दूसरे अकाउंट में शिफ्ट कर दें। ये सबसे तेज और आसान तरीका है।

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