उत्तर भारत में बारिश से बढ़ेगा कोरोना वायरस का खतरा!

दिल्ली, पूरे उत्तर भारत (North India) में पिछले 24 घंटे में काफी बारिश (Rain) और बर्फबारी हुई है। इस बारिश के चलते तापमान में कमी आने के साथ ही कोरोना वायरस (Coronavirus) के प्रसार का खतरा और भी बढ़ गया है। भारत के कई राज्यों को ये वायरस अपनी चपेट में ले चुका है। 24 घंटों में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, जम्मू कश्मीर, मध्यप्रदेश, दिल्ली (Delhi) और एनसीआर के कई इलाकों में बारिश और बर्फबारी हुई है। 

कोरोना वायरस का मौसम के साथ सीधा संबंध दिखता है। हालांकि इसकी पुष्टी अभी तक नहीं हुई है। लेकिन यदि इसके लक्षणों को देखें तो कम तापमान में इसके प्रसार की संभावना ज्यादा दिखती है। सर्दी-जुकाम जैसे लक्ष्ण ये संकेत देते हैं कि इसका असर ठंड में अधिक होता है। जबकी गर्मी में इसमें कमी दिखती है। 

ये जानलेवा वायरस दो माह पूर्व ही अस्तित्व में आया है। इसलिए इसको लेकर अब तक अधिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि कोरोना वायसर ड्रॉपलेट से फैलता है। छींकने या खांसने से संक्रमित व्यक्ति के डॉपलेट हवा में बिखर जाते हैं। बारिश होने पर तापमान गिरता है और हवा में नमी बनी रहती है। ऐसे में ये जानलेवा वायरस हवा में देर जिंदा रहता है और इसके प्रसार की संभावना बढ़ जाती है। 

धूप और तापमान के बढ़ने से कोरोना वायसर जमीन पर गिरने लगता है और इसके प्रसार की संभावना कम हो जाती है। पूरे उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ के चलते पिछले 24 घंटे में बारिश हुई है। ऐसे में जहां तापमान पहले बढ़ रहा था वहां भी तापमान में कमी आई है और इस वायरस के प्रसार की संभावना बढ़ गई है। 

बता दें कि पूरी दुनिया में कोरोना वायरस (Coronavirus) का तेजी से प्रसार हो रहा है। 97683 लोग संक्रमित हो चुके हैं। वहीं इससे मरने वालों का आंकड़ा 3382 पहुंच चुका है। अकेले चीन में इस वायरस से मरने वालों की संख्या 3042 पहुचं चुकी है। ईरान (Iran) में 3513 लोग इस वायसर से संक्रमित हो चुके हैं और 107 लोगों की इस वायरस के कारण मौत हो चुकी है। वहीं भारत में भी इस वायरस का प्रसार तेजी से होने लगा है। कुछ ही दिनों में भारत में इस वायरस से 31 लोग संक्रमित हो चुके हैं। वहीं कई लोगों का परीक्षण अभी किया जा रहा है। 

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