सोशल डिस्टेंसिंग पर शुरू हुई सख्ती, राज्यों को दिए गए निर्देश

दिल्ली,  कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए लॉकडाउन (Lockdown) घोषित करने के 24 घंटे बाद सरकार ने सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर सख्ती शुरू कर दी है। इस संबंध में राज्य सरकारों को भी निर्देश जारी किए गए हैं। वहीं लोगों से अपील की गई है कि लॉकडाउन के दिशा-निर्देशों का पूरा पालन करें ताकि कोरोना के प्रसार चक्र (चेन) को तोड़ा जा सके। 

कोविड-19 की रोकथाम और प्रबंधन पर मंत्रियों के समूह (GOM) की बुधवार को हुई बैठक में कोरोना वायरस पीड़ितों के लिए इलाज के लिए समर्पित अस्पताल बनाने के लिए सभी जरूरी संसाधन मुहैया कराने का निर्देश राज्य सरकारों को दिए गए। मसलन, चिकित्सा संस्थानों को पीपीई, वेंटिलेटर और अन्य आवश्यक उपकरणों आदि से लैस करने के लिए राज्यों को कहा गया है कि आवश्यक सेवाएं और आपूर्ति खुली रहें। इनमें अस्पताल, चिकित्सा दुकानें और दवाएं, टीके, सैनिटाइज़र, मास्क और चिकित्सा उपकरणों के निर्माण में लगे प्रतिष्ठान शामिल हैं। 

अस्पताल कर रहे हैं स्थापित
ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स को यह भी बताया गया कि गुजरात, असम, झारखंड, राजस्थान, गोवा, कर्नाटक, एमपी और जम्मू-कश्मीर कोविड-19 के प्रबंधन के लिए समर्पित अस्पताल स्थापित कर रहे हैं। कोरोना की टेस्टिंग के लिए आईसीएमआर नेटवर्क में कुल 118 प्रयोगशालाओं को शामिल किया गया है। कैबिनेट सचिव ने भी राज्यों को पत्र लिखे हैं और मुख्य सचिवों, स्वास्थ्य सचिवों तथा डीजीपी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस किया और लॉकडाउन के उपायों को लागू करने के निर्देश दिए हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्द्धन ने कोरोना को रोकने और बीमारी के प्रसार को सीमित करने के लिए अपनाए गए प्रभावी रणनीति के रूप में सामाजिक डिस्टेंसिंग को अहम कदम बताया। उन्होंने उन सभी के लिए अपनी अपील दोहराई जो घर में हैं और प्रोटोकॉल के अनुसार इसे बनाए रखने को कहा। उन्होंने बताया कि 21 मार्च के बाद से अब तक करीब 64,000 व्यक्ति अन्य देशों से भारत आ चुके हैं, 

जिनमें से 8,000 को आइसोलेशन में रखा गया है और 56,000 लोगों को घर में कोरेंटाइन का सुझाव दिया गया है। बैठक में डॉ. हर्षवर्धन के अलावा नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप एस. पुरी, विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर, गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय, जहाजरानी राज्यमंत्री मनसुख मंडाविया, और स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्यमंत्री आश्विनी चौबे के साथ चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत मौजूद थे।

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