फास्ट फूड उड़ा रहा त्वचा की रंगत, दे रहा गंभीर रोगो को न्यौता, पढ़िए यह खास रिपोर्ट

फास्ट फूड शरीर को बेडौल बना रहा है। साथ ही कम उम्र में त्वचा व बालों की सेहत भी बिगाड़ रहा है। लिहाजा, व्यक्ति को पौष्टिक आहार का ध्यान रखना होगा।

गोमती नगर के एक होटल में ऑल इंडिया कॉस्मेटोलॉजिस्ट एंड ब्यूटिशियंस एसोसिएशन लखनऊ का 18वां वार्षिकोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम आयोजक डॉ. रमा श्रीवास्तव ने कहा कि फास्ट फूड का चलन काफी बढ़ गया है। इसका अधिक सेवन शरीर के लिए नुकसानदायक है। खासकर, त्वचा व बालों को नुकसान पहुंच रहा है। ऐसे में व्यक्ति खानपान में सुधार करे। प्रोटीन और न्यूट्रीशन से भरपूर भोज्यपदार्थो का सेवन करें। यह उसकी सेहत के साथ-साथ सौंदर्य भी बरकरार रहेगा। उन्होंने कहा कि सप्ताह में दो बार बाल धोना चाहिए। गीले बालों में कंघी नहीं करनी चाहिए। शरीर में सही पोषण होने पर बालों का झड़ना कम होता है।

कार्यक्रम का शुभारंभ केजीएमयू कुलपति डॉ. एमएलबी भट्ट ने किया। इस दौरान डॉ. अशोक चंद्रा, कुमार केशव, मो. आसिफ सुलेमानी, अमिता सिद्दीकी को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया।

मेडीफेशियल का जोर : डॉ. रमा श्रीवास्तव के मुताबिक मेडीफेशियल चेहरे पर निखार लाने में कारगर हो रहा है। यह खास तरीके का फेशियल है। इसमें खराब हो चुकी त्वचा हट जाती है। नई स्किन ग्रो करती है। इसके अलावा डरमा ऑपरेशन से कई दिक्कतों को दूर किया जा सकता है। वहीं, डॉ. वैभव खन्ना ने एसिड पीड़िताओं में माइक्रो सर्जरी का महत्व बताया।

मुहांसों में माइक्रो नीडलिंग : डॉ. दिशा जग्गी ने कहा कि चेहरे पर मुहांसे 80 फीसद लोगों में हार्मोनल बदलाव की वजह से होते हैं। इस दौरान फेशियल या मसाज न कराएं। उसके सूखने का इंतजार करें। इस समस्या को दूर करने के लिए माइक्रो नीडलिंग व पीआरपी तकनीक काफी फायदेमंद है।

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