जानिए : आर्थिक पैकेज में मजदूरों और किसानों को क्या मिला

दिल्ली, कोरोना संकट के मुद्देनजर केंद्र की भाजपा सरकार के 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज के ऐलान के बाद केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपनी दूसरी प्रेस वार्ता में गरीबों और मजदूरों को लेकर कई खास सौगाते दी हैं। बता दें कि कल गरीबों की अनदेखी पर विपक्ष ने मोदी सरकार को जमकर आड़े हाथ लिया था। आज सीतारमण ने मजदूरों और गरीबों को लेकर ही पूरी प्रेस वार्ता को समेट दिया। जानिए  मजदूरों और किसानों को क्या मिला:-

प्रवासी मजदूरों के लिए :-

-आर्थिक पैकेज में अगले 2 महीनों के लिए प्रवासी मजदूरों को मुफ्त अनाज मुहैया कराया जाएगा। इसके तहत बिना कार्ड के भी अनाज मिल सकेगा। लोग चावल या गेहूं और चना हासिल कर सकेंगे। 

-मजदूरों को अनाज पहुंचाने का जिम्मा राज्य सरकारों का होगा, लेकिन इसका खर्च केंद्र सरकार उठाएगी। इसके लिए 3500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे 8 करोड़ प्रवासी मजदूर लाभान्वित होंगे।

-सरकार ने ईएसआई की सुविधा देने का ऐलान किया है, लेकिन यह सुविधा 10 से कम कर्मचारियों वाली कंपनी में होगी।

– इसके साथ ही सरकार ने सस्ते किराए का भी ऐला किया है। प्रवासी मजदूरों और शहरी गरीबों के लिए रियायती दरों पर घर देने के लिए आवास योजना लाई जाएगी। इससे जहां मजदूर काम करेंगे, वहीं उन्हें रहने की सुविधा मिलेगी। हालांकि यह लंबी योजना है।

– बेरोजगार हुए मजदूरों को सरकार काम देगी। इसके लिए मनरेगा स्कीम में पंजीकरण जारी है। 2.33 करोड़ प्रवासी मजदूरों को पंचायत में काम मिला है।

– श्रम कानून में सुधार पर काम चल रहा है। श्रमिकों के कल्याण के लिए भी सरकार काम कर रही है। 

– न्यूनतम मजदूरी के भेदभाव को खत्म करने पर विचार हो रहा है। इसके साथ ही मजदूरों की सालाना स्वास्थ्य जांच अनिवार्य होगी। 

-मजदूरों की दिहाड़ी 182 से बढ़ाकर 202 रुपये कर दिया गया है। 

किसानों के लिए :-

– सरकार ने आर्थिक पैकेज के जरिए 3 करोड़ किसानों के लिए 30,000 करोड़ रुपये का फंड रखा है। 

– छोटे और सीमांत किसानों की रबी फसल के लिए नाबार्ड 90,000 करोड़ खर्च करेगा। 

– छोटे किसानों को किफायती दरों पर 4 लाख करोड़ रुपये का लोन का प्रावधान किया गया है। लोन की ब्याज पर 31 मई तक छूट मिलेगी।

किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा मछुआरों और पशुपालन करने वालों को भी मिलेगी। उन्हें भी किफायती दरों पर लोन मिल सकेगा। 

– वित्त मंत्री सीतारमण ने बताया कि नाबार्ड के जरिए ग्रामीण बैंकों को 29,500 करोड़ की सहायता की गई है।

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