दुनिया को पांचवां सबसे बड़ा एयरपोर्ट जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट विकसित करने की जिम्‍मेदारी स्विट्जरलैंड की कंपनी को मिली

नोएडा. उत्‍तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर के जेवर (Jewar) में बनने वाले इंटरनेशनल एयरपोर्ट (International Airport) को विकसित करने के लिए स्विट्जरलैंड की कंपनी को मंजूरी मिल गयी है. जी हां, स्विट्जरलैंड की कंपनी ज्युरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी को 29,560 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले जेवर हवाई अड्डा को विकसित करने के लिए सुरक्षा मंजूरी मिल गयी है. यह जानकारी उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकारी ने दी है.

इससे पहले जेवर में बन रहे इंटरनेशनल एयरपोर्ट को पर्यावरण मंत्रालय से मंजूरी मिल गई थी. यूपी सरकार में मुख्यमंत्री कार्यालय में प्रमुख सचिव एसपी गोयल ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी थी. जबकि जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के विकास के लिए स्विट्जरलैंड की कंपनी ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल ने दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डायल) और अडाणी एंटरप्राइजेज और एंकरेज इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट होल्डिंग्स लिमिटेड जैसी कंपनी को पीछे छोड़ा था. स्विट्जरलैंड की कंपनी ने राजस्व में हिस्सेदारी के मामले में प्रति यात्री सबसे ऊंची बोली लगाई थी. जबकि अब जेवर में बनने वाले इंटरनेशनल एयरपोर्ट को विकसित करने के लिए स्विट्जरलैंड की कंपनी को मंजूरी मिल गयी है.

पहले से दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में मौजूद हैं दो एयरपोर्ट
जेवर एयरपोर्ट के लिए 30 मई को अंतरराष्ट्रीय निविदा जारी की गई थी. इस एयरपोर्ट के प्रबंधन के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने एक एजेंसी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नायल) गठित की है. दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में बनने वाला यह तीसरा एयरपोर्ट पूरी तरह से नए सिरे से विकसित (ग्रीनफील्ड) किया जाएगा.

जेवर एयरपोर्ट पर होंगी छह से आठ हवाई पट्टियां

इससे पहले दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में दिल्ली में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट और गाजियाबाद में हिंडन एयरपोर्ट मौजूद है. परियोजना के नोडल अधिकारी शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि पूरी तरह बनकर तैयार होने के बाद जेवर एयरपोर्ट पर छह से आठ हवाई पट्टियां होंगी जो देश में अब तक किसी एयरपोर्ट की तुलना में सबसे अधिक होंगी.

1 लाख से ज्यादा रोजगार पैदा करेगा एयरपोर्ट
अनुमान तो ये भी है कि एक लाख से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से रोजगार मिलेगा. इस एयरपोर्ट से नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और यमुना एक्सप्रेसवे के करीब एक लाख करोड़ रुपए का निवेश आएगा. बता दें कि जेवर एयरपोर्ट के लिए 29 नवंबर 2019 को फाइनांशियल बिड्स खोली गई थी. जिसे ज़्यूरिख़ एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी ने 400.97 रुपए प्रति यात्री राजस्व भुगतान की दर पर टेंडर हासिल किया.

दुनिया को पांचवां सबसे बड़ा एयरपोर्ट
उत्तर प्रदेश में बनने वाला यह एयरपोर्ट दुनिया का 5वां सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा. ग्रेटर नोएडा के जेवर में करीब 5000 हेक्टेयर में प्रस्तावित इस एयरपोर्ट पर तेजी से काम चल रहा है. प्रस्ताव के अनुसार 2022-23 में जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से फ्लाइट्स का संचालन भी शुरू हो जाएगा.

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