यात्रियों का फूटा गुस्सा, उन्नाव स्टेशन पर जमकर तोड़फोड़, रेलकर्मी भागे, स्टेशन मास्टर घायल

उन्नाव: लॉकडाउन (Lockdown) और भीषण गर्मी के बीच किसी तरह से श्रमिक स्पेशल ट्रेन में जगह मिली यहां घंटों की यात्रा के बाद ट्रेन न पानी का इंतजाम न हीं भोजन की व्यवस्था. बस इन्हीं सबसे परेशान यात्रियों ने शनिवार को उन्नाव रेलवे स्टेशन पर जमकर हंगामा कर दिया. श्रमिक स्पेशल ट्रेन के यात्रियों ने स्टेशन पर जमकर तोड़फोड़ की. सैकड़ों की संख्या में यात्रियों ने स्टेशन पर उत्पात मचाया.

जमकर पथराव, स्टेशन मास्टर के दरवाजे के तोड़ दिए शीषे

गुस्साए यात्रियों ने ईंट-पत्थर चलकर स्टेशन मास्टर के कमरे के दरवाजे, शीशे तोड़ डाले. गुस्साई भीड़ देख रेलकर्मी जान बचाकर भागे, वहीं स्टेशन मास्टर को चोट आई है. स्टेशन पर आरपीएफ और जीआरपी समेत भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. पता चला कि ट्रेन बेंगलुरू सिटी से डींग गोपालापुरम हाल्ट जा रही थी. बाद में स्टेशन प्रबंधन ने यात्रियों को शांत कराकर ट्रेन को रवाना किया. डीएम व एसपी भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे.

उधर चंदौली विशाखापट्टनम से बिहार जा रही श्रमिक स्पेशल ट्रेन के यात्रियों ने खाने-पीने और लेटलतीफी को लेकर जमकर हंगामा किया और रेल ट्रैक जाम कर दिया. इस विरोध के चलते डीडीयू-वाराणसी-लखनऊ और दिल्ली हावड़ा रेल रूट बाधित हो गया, जिसकी वजह से स्पेशल ट्रेन राजधानी समेत आधा दर्जन श्रमिक ट्रेन जहां तहां फंस गईं.

दरअसल लॉकडाउन में श्रमिकों को लेकर श्रमिक स्पेशल ट्रेन विशाखापट्टनम से बिहार जा रही थी. लेकिन 72 घंटे बाद भी ट्रेन मंजिल तक नहीं पहुंच सकी. इस दौरान यात्रा कर रहे लोग भूख और प्यास से बिलबिला उठे. यात्रियों का आरोप है कि ट्रेन को बेवजह जहां-तहां रोक दिया जा रहा है. डीडीयू जंक्शन पर भी ट्रेन रात 11 बजे से खड़ी है. लेकिन न कोई पूछने वाला है और न ही बताने वाला. जिससे नाराज होकर सैकड़ों की संख्या में लोगों ने रेलवे ट्रैक जाम कर दिया और जमकर हंगामा किया. इस दौरान रेल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. श्रमिक स्पेशल ट्रेन के यात्रियों ने डीडीयू जंक्शन के आउटर पर रेल ट्रैक जाम कर दिया. इस दौरान 3 श्रमिक स्पेशल ट्रेन, एक स्पेशल राजधानी समेत आधा दर्जन ट्रेनें जहां-तहां खड़ी हो गईं. हंगामे की सूचना पर जीआरपी और आरपीएफ की टीम मौके पहुंची. लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया. जिसके ट्रेन को आगे के लिए रवाना कर दिया.

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