राष्ट्रपति कोविंद ने परौंख पहुंचते ही अपनी धरती को किया प्रणाम

कानपुर देहात. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद रविवार सुबह एयरफोर्स के हेलीकॉप्टर से कानपुर देहात () के अपने पैतृक गांव परौंख पहुंचे. परौंख में जनसभा स्थल मंच से राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि मेरे आने से जितनी आपको खुशी है, उससे ज्यादा खुशी मुझे है. इसीलिए हेलीकॉप्टर से उतरकर अपनी धरती को स्पर्श कर प्रणाम किया. कहा कि इस बार आने में जितना देर हुई, कोशिश होगी कि अगली बार इतना विलम्ब न हो. राष्ट्रपति के स्वागत के लिए द्वार-द्वार रंगरोगन के साथ लिपाई की गई. राष्ट्रपति बनने के करीब चार साल बाद रामनाथ कोविंद पहली बार पैतृक गांव परौंख पहुंचे. इससे गांव के लोगों का सालों का इंतजार खत्म हो गया. इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल मौजूद रहे.

परौंख गांव पहुंचते ही राष्ट्रपति कोविंद सबसे पहले पथरी देवी मंदिर पहुंचे. उनके साथ उनकी पत्नी सविता कोविंद और उनकी बेटी भी मौजूद रहीं. विधि-विधान से पुजारी कृष्ण कुमार बाजपेई ने पूजा संपन्न कराई. राष्ट्रपति इस मौके पर फल-मिष्ठान अपने साथ ही लाए थे. राष्ट्रपति ने देवी के चरणों में 11 हजार रुपये अर्पित किए. राष्ट्रपति ने इस मौके पर अपनी बेटी, मुख्यमंत्री और राज्यपाल को पथरी देवी मंदिर के महत्व और अपने पिता द्वारा की गई देखरेख के बारे में भी बताया.

गांव में पक्के मकान बन गए, रोहनिया बाजार देखकर अच्छा लगा. राष्ट्रपति ने कहा कि मेरे सहपाठी जसवंत सिंह, चंद्रभान सिंह, दशरथ सिंह बहुत याद आते हैं. परौंख गांव में बोलते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि कोरोना काल में फिटनेस और प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ावा देने की कोशिश है. खुद को टीका लगवाएं और दूसरों को भी प्रेरित करें. गांव वालों को राष्ट्रपति भवन देखने की व्यवस्था खुद करूंगा. पुखरायां में राष्ट्रपति से मिलने के लिए कुल 67 लोगों को अनुमति दी गई थी.

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