पत्नी सेक्स से मना नहीं कर सकती है, लेकिन क्या पति कर सकता है? जानिए आखिर क्या कहता है कानून

सही पढ़ा आपने। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक पति-पत्नी के मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि पति और पत्नी एक-दूसरे से सेक्स करने के लिए इनकार नहीं कर सकते हैं। इसे क्रूरता के बराबर माना जाएगा।

सवाल– सेक्स हमारा निजी मामला है। ऐसे में कोर्ट ने इसे क्रूरता से कैसे जोड़ा?

जवाब- दरअसल इस मामले में पत्नी अपने पति को मोटा-भद्दा और बेकार समझती थी। पिछले दस साल से दोनों के बीच शारीरिक संबंध नहीं थे। पत्नी उसके साथ भी नहीं रहती थी। पति मानसिक तौर पर प्रताड़ित हो रहा था।

10 सालों से सेक्स करने से मना कर रही थी

  • एन मिश्रा बिलासपुर के रहने वाले हैं।
  • इनकी शादी 25 नवंबर 2007 को हुई।
  • उनकी पत्नी अब मायके में रहती हैं।
  • तलाक लेने के लिए एन मिश्रा ने फैमिली कोर्ट में अर्जी लगाई।
  • अर्जी में कहा गया कि शादी के कुछ महीने तक पत्नी ससुराल में रही और बाद में मायके चली गई।
  • फैमिली कोर्ट में पति की याचिका खारिज हो गई तो उसने हाईकोर्ट में अपील की।
  • बिलासपुर हाईकोर्ट के जस्टिस पी सैम कोशी और जस्टिस पीपी साहू की बेंच ने सुनवाई की।
  • हाईकोर्ट ने पति-पत्नी के बयानों को सुनने के बाद पाया कि दोनों के बीच साल 2010 से ही शारीरिक संबंध नहीं था।
  • पत्नी अपने पति को मोटा और बदसूरत मानती थी।

सवाल– हाईकोर्ट ने क्या फैसला सुनाया?

जवाब- पति या पत्नी एक-दूसरे के साथ सेक्स करने से इनकार नहीं कर सकते हैं। अगर ऐसा किया गया तो इसे क्रूरता के बराबर माना जाएगा। एक अच्छी मैरिड लाइफ के लिए सेक्स जरूरी है। पत्नी ने ऐसा कर पति के साथ क्रूरता का व्यवहार किया है। सेक्स के लिए मना करना तलाक का आधार बन सकता है।

सवाल- शादी में क्रूरता किस आधार पर तय की जाती है?

जवाब-

  • फिजिकल रिलेशन न रखने का एकतरफा फैसला अगर पति या पत्नी लेते हैं तो इसे क्रूरता माना जाता है।
  • किसी एक ने अकेले यह फैसला ले लिया कि शादी के बाद बच्चा नहीं चाहिए।
  • दोनों के बीच इतना तनाव हो कि वे साथ ही न रह सकें।
  • लंबे समय तक एक-दूसरे से नाराजगी और फ्रस्ट्रेशन है तो मानसिक क्रूरता मान सकते हैं।
  • लगातार आरोप लगाना और इंसल्ट करना मानसिक क्रूरता माना जा सकता है।
  • बिना एक-दूसरे की जानकारी दिए पति या पत्नी का स्टरलाइजेशन कराना।
  • अपनी खुशी के लिए एक-दूसरे को टॉचर्र करना भी क्रूरता है।

मौजूदा मामले में पति ने तलाक के लिए अर्जी लगाई, पत्नी ने नहीं। तो अब समझिए, किन बातों के आधार पर पति या पत्नी एकतरफा तलाक की मांग कर सकते हैं…

  • पति या पत्नी एक-दूसरे को धोखा देकर किसी तीसरे से संबंध बनाए तो, कोर्ट में सबूत पेश करके तलाक ले सकते हैं।
  • पति या पत्नी में से कोई एक शारीरिक या मानसिक हिंसा का दोषी हो तो तलाक मिल सकता है।
  • शादी होने के बाद अगर पति या पत्नी 2 साल से भी ज्यादा समय से साथ नहीं रह रहे हैं तब एकतरफा तलाक हो सकता है।
  • शादी के बाद धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर करने पर तलाक मिल सकता है।
  • अगर दोनों में से किसी एक ने संन्यास ले लिया है तो दूसरा पार्टनर तलाक के लिए अप्लाई कर सकता है।
  • कोई एक पार्टनर 7 साल से गायब हो चुका है और दूसरे को उसके मरने-जीने के बारे में कुछ नहीं पता है तो तलाक लिया जा सकता है।
  • कोई गंभीर शारीरिक बीमारी जैसे- एड्स, कुष्ठ रोग है तो दूसरा पार्टनर तलाक ले सकता है।

सवाल– तब क्या शादी में जबरदस्ती संबंध बनाना उचित है?

जवाब- पति हो या पत्नी दोनों ही शारीरिक संबंध का दबाव एक-दूसरे पर डाल नहीं सकते। चूंकि हमारे देश में पति को पत्नी पर हक जताने की इजाजत सामाजिक तौर पर मिली है, इसलिए जबरन सेक्स करने की बात को पति अपराध नहीं मानता और पत्नी इसे अपना धर्म समझती है।

ऐसे में आपका यह जानना भी जरूरी है कि जब पत्नी से पति जानबूझकर उसकी इच्छा के खिलाफ जाकर सेक्स करता है तो उसे मैरिटल रेप कहते हैं।

मैरिटल रेप 3 तरह के होते हैं-

  • पत्नी को जोर-जबरदस्ती से सेक्स करने के लिए मजबूर करना।
  • पत्नी के साथ उसकी इच्छा के बिना सेक्स करके उसे मारना-पीटना।
  • जबरदस्ती सेक्स करने के साथ-साथ उसका वीडियो भी बनाना।

सवाल– मैरिटल रेप को लेकर क्या कोई कानून नहीं है?

जवाब- शादी के बाद पत्नी से जबरदस्ती सेक्स करना कानूनन अपराध नहीं है। इसके लिए किसी तरह की सजा या जुर्माने का प्रावधान नहीं है।

फिलहाल दिल्ली हाईकोर्ट में मैरिटल रेप को अपराध घोषित करने के मामले पर सुनवाई चल रही है। इस संबंध में केंद्र ने अपना रुख स्‍पष्‍ट करने के लिए कोर्ट से और समय मांगा है।

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