अयोध्या : फर्जी मुकदमों से मुक्ति पाना है तो जरूर करें इस माता के दर्शन

अयोध्या. अब आपके मन में एक सवाल कौंध रहा होगा कि, आखिर वह कौन सा मंदिर है. जहां मान्यता है कि यहां दर्शन से फर्जी मुकदमे से मुक्ति मिल जाती है. दरअसल हम बात कर रहे हैं उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम जन्म भूम से मात्र 2 किलोमीटर दूरी पर स्थित जालपा देवी मंदिर की. मंदिर पुजारी के मुताबिक जालपा देवी आदिकाल से हैं. भगवान राम के समय का यह मंदिर है. 84 कोसी पंचकोसी परिक्रमा के मेन बिंदु पर यह मंदिर स्थापित है. इसी मंदिर से अयोध्या का बॉर्डर प्रारंभ होता है.

जानिए क्या है मान्यताएं?
दिर के संरक्षक नीरज चतुर्वेदी बताते हैं कि, यह त्रेता युग के भगवान राम की कुलदेवी हैं. यह देवी बंदी देवी (जालपा देवी) है. बंधन से मुक्त करने वाली देवी हैं. जिस प्रकार से लोगों को फर्जी मुकदमों में फंसाया जाता है या कोई फर्जी तरीके से आरोप लगा दिया जाए. तो यहां दर्शन या फिर मां का स्मरण मात्र करने से मुक्ति प्राप्त होती है . मंगलवार के दिन मंदिर पर श्रद्धालुओं की भीड़ लगती है. कहा जाता है कि, यहां आना मंगलवार के लिए शुभ माना जाता है. इस दिन समस्त मनोकामनाओं की सिद्धि होती है.

श्रद्धालु पुष्पा बताती हैं कि, इस मंदिर में दर्शन पूजन करने से जो भी मनोकामना मांगी जाती है. वह सब पूर्ण होता है. इनकी मान्यता बहुत अधिक है. इसलिए हम लोग दूर-दूर से यहां दर्शन पूजन करने आते हैं. फर्जी कामों की मुक्ति के लिए हम लोग यहां आते हैं. हमारी सभी मुरादों को माता रानी पूरा करती हैं. वहीं श्रद्धालु सुरेखा गुप्ता बताती हैं कि, हमारे लिए मां का दर्शन-पूजना करना काफी लाभकारी रहता है.

कब होती है माता की आरती?
जालपा देवी मंदिर में सुबह 6:00 बजे से रात 8:00 बजे तक मंदिर खुला रहता है सुबह 7:00 बजे आरती होती है तो वहीं शाम 6:00 बजे आरती होती है

ये होती है आरती
जय अम्बे गौरी,मैया जय श्यामा गौरी ।
तुमको निशदिन ध्यावत,हरि ब्रह्मा शिवरी ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥

मांग सिंदूर विराजत,टीको मृगमद को ।
उज्ज्वल से दोउ नैना,चंद्रवदन नीको ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥

कनक समान कलेवर,रक्ताम्बर राजै ।
रक्तपुष्प गल माला,कंठन पर साजै ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥

केहरि वाहन राजत,खड्ग खप्पर धारी ।
सुर-नर-मुनिजन सेवत,तिनके दुखहारी ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥

कानन कुण्डल शोभित,नासाग्रे मोती ।
कोटिक चंद्र दिवाकर,सम राजत ज्योती ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥

शुंभ-निशुंभ बिदारे,महिषासुर घाती ।
धूम्र विलोचन नैना,निशदिन मदमाती ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥

चण्ड-मुण्ड संहारे,शोणित बीज हरे ।
मधु-कैटभ दोउ मारे,सुर भयहीन करे ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥

ब्रह्माणी, रूद्राणी,तुम कमला रानी ।
आगम निगम बखानी,तुम शिव पटरानी ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥

चौंसठ योगिनी मंगल गावत,नृत्य करत भैरों ।
बाजत ताल मृदंगा,अरू बाजत डमरू ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥

तुम ही जग की माता,तुम ही हो भरता,
भक्तन की दुख हरता ।सुख संपति करता ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥

भुजा चार अति शोभित,वर मुद्रा धारी ।
खड्ग खप्पर धारी, मनवांछित फल पावत,सेवत नर नारी ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥

कंचन थाल विराजत,अगर कपूर बाती ।
श्रीमालकेतु में राजत,कोटि रतन ज्योती ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥

श्री अंबेजी की आरति,जो कोइ नर गावे ।
कहत शिवानंद स्वामी,सुख-संपति पावे ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥
जय अम्बे गौरी,मैया जय श्यामा गौरी ।

FacebookTwitterPinterestBloggerWhatsAppTumblrGmailLinkedInPocketPrintInstapaperCopy LinkDiggTelegram

Umh News

Umh News India Hindi News Channel By Main Tum Hum News Paper