कृषि- किसान

किसानों के लिए आम की बागवानी के लिए वरदान से कम नहीं है ये पौधा

मेरठ: अगर आप मेरठ या इसके आसपास के ग्रामीण इलाकों में रहते हैं और अपने खेतों में आम का बाग लगाने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके बड़े काम की है. आम के बाग से भविष्य में बंपर कमाई करने के लिए जुलाई का महीना सबसे बेस्ट माना जाता है. लेकिन बाग लगाने से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद आवश्यक है, ताकि आगे चलकर आपको भारी मुनाफा हो सके. इसी सिलसिले में जब हमारी टीम ने मेरठ के जिला उद्यान अधिकारी अरुण कुमार से खास बातचीत की, तो उन्होंने किसानों के लिए कुछ बेहद जरूरी और फायदेमंद टिप्स साझा किए.

जिला उद्यान अधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि इस समय बाजार में आम की कई उन्नत प्रजातियां मौजूद हैं, जिन्हें लगाकर किसान बागवानी के क्षेत्र में अपना शानदार करियर बना सकते हैं. उन्होंने एक बेहद जरूरी सलाह देते हुए कहा कि जब किसान जुलाई के महीने में यानी बरसात के सीजन में अपने खेतों में आम के पौधे लगाएं, तो पूरे बाग में कम से कम 10 फीसदी पौधे ‘नकली मालंदा’ आम के जरूर लगाएं.

क्या है 10% पौधों का गणित और कैसे होगा 25% का फायदा?
अरुण कुमार के मुताबिक, ‘नकली मालंदा’ प्रजाति के पौधे बाग में परागण की प्रक्रिया में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. जैसे-जैसे बाग के बाकी पेड़ों के साथ ये पौधे बड़े होते हैं, वैसे-वैसे ये दूसरे पेड़ों की ग्रोथ और उनकी फल देने की क्षमता को बढ़ा देते हैं. जब बाग में फल आने शुरू होंगे, तो इस खास ट्रिक की वजह से किसानों को अपनी आम की फसल में करीब 25 फीसदी तक का ज्यादा मुनाफा देखने को मिलेगा. यही वजह है कि मेरठ और आसपास के क्षेत्रों में जितने भी सफल और पुराने आम के बाग हैं, उनमें यह पेड़ आपको जरूरी तौर पर देखने को मिल जाएंगे.

 साफ किया कि नया बाग लगाने से पहले किसानों को अपने खेत की मिट्टी की जांच जरूर करवानी चाहिए. आज के समय में खेतों की उपजाऊ क्षमता को जानने के लिए यह बेहद जरूरी कदम है. मिट्टी की जांच कराने से किसानों को साफ पता चल जाता है कि उनकी जमीन में किस पोषक तत्व की कमी है और कौन सी खाद कितनी मात्रा में डालनी है. इससे किसानों की लागत घटती है और मुनाफा सीधे दोगुना तक बढ़ सकता है.

कई बार किसान बिना मिट्टी की जांच कराए सीधे पौध लगा देते हैं, जिससे उनकी लागत तो ज्यादा आती ही है, साथ ही पौधों की ग्रोथ न होने से फसल को भी भारी नुकसान पहुंचता है. अगर मिट्टी की जांच कराकर सही तरीके से बाग में पौधे रोपे जाएंगे, तो वे पौधे बहुत तेजी से और बेहतर आकार लेंगे, जिससे किसानों का भविष्य सुधरेगा.

उद्यान विभाग से मुफ्त में लें हर समस्या का समाधान
मेरठ और आसपास के जो भी किसान आम की बागवानी शुरू करना चाहते हैं, उनके लिए अच्छी बात यह है कि उन्हें किसी भी तरह की परेशानी या उलझन होने पर भटकने की जरूरत नहीं है. पौधे लगाने की सही विधि, दूरी या किसी बीमारी से जुड़ी कोई भी समस्या होने पर किसान सीधे उद्यान विभाग के दफ्तर जाकर संपर्क कर सकते हैं. विभाग द्वारा किसानों की हर समस्या का समाधान मुफ्त में और सही गाइडेंस के साथ किया जाता है.

Umh News india

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