हनी ट्रैपः युवती ने इंस्टाग्राम पर दोस्ती कर फंसाया, छात्रों ने साइबर दरोगा बनकर की ब्लैकमेलिंग

आगरा, जयपुर हाउस का रहने वाले व्यापारी का बेटा हनी ट्रैप में फंस गया। युवती के दोस्तों ने साइबर सेल का दारोगा बनकर उससे अपने खाते में रुपये ट्रांसफर करा लिए। आरोपियों ने पहले आठ हजार लिए फिर 50 हजार रुपए और मांगे तो व्यापारी के बेटे ने लोहामंडी थाने में शिकायत की। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल नंबर के आधार पर उनका पता लगाकर मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया।

जयपुर हाउस निवासी छात्र राघव के पिता व्यापारी हैं। उसकी दोस्ती चार महीने पहले इंस्टाग्राम पर दिल्ली की युवती से हुई। दोनों ने एक-दूसरे का मोबाइल नंबर लेकर व्हाट्सएप पर बातचीत शुरू कर दी। एक-दूसरे को अपने फोटो भी भेजे। युवती ने मई में उसे जरूरत बताकर कुछ रुपये मांगे। जिस पर उसने दो बार 500 और एक बार हजार रुपये युवती को ऑनलाइन भेजे। इसके बाद से उसकी और युवती के बीच बातचीत बंद हो गई।

दो महीने बाद इंस्टाग्राम पर आया मैसेज

राघव ने पुलिस को बताया कि सितंबर में उसके पास इंस्टाग्राम से मैसेज आया। इसमें युवती को परेशान करने का आरोप लगाया। अपना नाम विपुल और खुद को साइबर सेल में दारोगा बताते हुए धमकी देकर 10 हजार रुपये मांगे। रकम न देने पर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने को कहा। डर के चलते उसने आठ हजार रुपये नौ सितंबर को आरोपी के ई-वालेट में ट्रांसफर कर दिए। 

अगले दिन साइबर सेल का दारोगा बताने वाले आरोपी ने दोबारा फोन किया। इस बार 50 हजार रुपये मांगे। उसने साइबर सेल जाकर पता किया तो इस नाम का कोई दारोगा नहीं था। इसके बाद उसने थाने में मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने ई-वालेट और मोबाइल नंबर के आधार पर आरोपियों का पता लगाया।

इंस्पेक्टर लोहामंडी त्रिलोकी सिंह ने बताया कि साइबर सेल का दारोगा बनकर चौथ वसूलने के आरोपी विपुल भारद्वाज निवासी शांति कॉलोनी शास्त्रीपुरम और कुनाल खेमानी निवासी सरस्वती नगर अवधपुरी, जगदीशपुरा को गिरफ्तार किया है। दोनों छात्र हैं। रकम कुनाल के ई-वालेट में ट्रांसफर की गई थी। आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, वहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

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