UPI यूज करते हैं तो जान लें नया नियम: ऐप आपकी परमिशन के बिना नहीं करेंगे ये काम

नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने कहा कि सभी यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) बेस्ड एप्लिकेशन उपभोक्ताओं का लोकेशन या जियोग्राफिक डेटा रिकॉर्ड करने से पहले उनकी परमिशन मांगेगा। एक सर्कुलर में, NPCI ने कहा कि यदि उपभोक्ता ने सर्विसेस का उपयोग करते समय मूल रूप से लोकेशन का खुलासा करने के लिए पहले ही सहमति दे दी है, तो इसके प्रावधान बिना किसी समस्या के पेश किए जाने चाहिए। सर्कुलर में कहा गया है, “ग्राहक द्वारा ऐप के लिए लोकेशन या जियोग्राफिकल डिटेल शेयर करने के लिए सहमति रद्द करने के बाद भी ऐप्स को यूपीआई सेवाएं प्रदान करना जारी रखना चाहिए।”

जब भी कोई ग्राहक अपना लोकेशन रिकॉर्ड करने की अनुमति देता है, तो अनुमति को यूपीआई को उचित रूप से सूचित किया जाना चाहिए; नहीं तो कंपनी कड़ी कार्रवाई करेगी। यदि ग्राहक सहमति देने से मना करता है तो कोई भी सर्विस प्रोवाइडर को पेमेंट सर्विसेस को अस्वीकार या डिसेबल नहीं करना चाहिए। 1 दिसंबर, 2022 तक सभी सदस्यों द्वारा उपरोक्त सभी नियमों का पालन किया जाना चाहिए, और ये केवल इंडिविजुअल्स के बीच डोमेस्टिक यूपीआई ट्रांजेक्शन पर लागू होते हैं।

क्रेडिट कार्ड को यूपीआई से जोड़ने के साथ डिजिटल पेमेंट्स में क्रेडिट कार्ड की पहुंच बढ़ने का अनुमान है। यूपीआई सिस्टम, जो देश में सबसे समावेशी भुगतान के रूप में विकसित हुई है, शुरुआत में आरबीआई की प्रारंभिक योजना के तहत रुपे क्रेडिट कार्ड से जुड़ी थी। लेनदेन के माध्यम के रूप में UPI के बढ़ते उपयोग से फिनटेक प्लेटफार्मों को लाभ होने का अनुमान है। यह अनुमान है कि यूपीआई के साथ क्रेडिट कार्ड के एकीकरण से फुल-स्टैक फाइनेंशियल सॉल्यूशन प्रोवाइडर पेटीएम को लाभ होगा।

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