दिल्ली में अरुणाचल की 3 लड़कियों से बदसलूकी पर एक्शन
दिल्ली. दिल्ली के मालवीय नगर में नस्लीय टिप्पणी मामले में दिल्ली पुलिस ने आरोपी महिला रूबी जैन और उनके पति को गिरफ्तार कर लिया है. नॉर्थ ईस्ट लड़कियों के साथ एसी लगाने पर इतना विवाद हुआ था कि इसका वीडियो सोशल मिडिया पर तेजी से वायरल हो गया. देखते ही देखते ही यह विवाद नस्लभेदी टिप्पणी में बदल गया. दिल्ली पुलिस ने अब ‘क्षेत्रवाद’ और ‘नस्लवाद’ के नाम दोनों पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है. 20 फरवरी को यह घटना घटी थी. इस घटना ने न केवल दिल्ली बल्कि पूरे देश खासकर पूर्वोत्तर (North-East) के लोगों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया था. इस मामले में अब आरोपी पति-पत्नी रूबी जैन और हर्ष सिंह को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जो घटना के बाद से फरार चल रहे थे.
क्या था पूरा मामला?
यह पूरी घटना एक बहुत ही मामूली बात से शुरू हुई थी. 20 फरवरी 2025 दोपहर करीब 3:30 बजे मालवीय नगर की एक हाउसिंग सोसाइटी में चौथी मंजिल पर रहने वाली अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर की तीन लड़कियां अपने किराए के फ्लैट में एसी (Air Conditioner) लगवाने के लिए ड्रिलिंग करवा रही थीं. ड्रिलिंग के दौरान कुछ धूल और मलबा नीचे रहने वाले पड़ोसी हर्ष सिंह और रूबी जैन के घर के बाहर या बालकनी में गिर गया. इस छोटी सी बात पर विवाद इतना बढ़ा कि आरोपी दंपत्ति ऊपर आए और लड़कियों के साथ बदसलूकी शुरू कर दी.
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो ने आरोपियों के खिलाफ सबसे बड़ा सबूत पेश किया. वीडियो में रूबी जैन को बेहद आपत्तिजनक और नस्लभेदी बातें करते सुना जा सकता है. लड़कियों को ‘मोमो’ कहकर चिढ़ाया गया और कहा गया कि “पूर्वोत्तर के लोग गंदगी हैं.” इतना ही नहीं महिला ने लड़कियों से कहा, “तुम 500 रुपये में मसाज पार्लर में काम करने वाली धंधेवाली हो.” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि लड़कियों ने घर में मसाज पार्लर खोल रखा है.
आरोपी रूबी जैन ने अपनी सामाजिक स्थिति का रौब झाड़ते हुए कहा कि उसका पति “कस्टम ऑफिसर और राजनेता का बेटा है.” वीडियो में महिला को यह कहते भी सुना गया, “तुम मेरे पति के साथ क्यों नहीं सो जाती? वह 35 साल का है और यहां 35 साल की उम्र बूढ़ी नहीं होती.”
दिल्ली पुलिस ने शुरुआत में साधारण धाराओं में केस दर्ज किया था, लेकिन मामले की गंभीरता और वायरल वीडियो को देखते हुए अब सख्त धाराएं जोड़ी गई हैं. इस मामले में अब SC/ST एक्ट की धाराएं जुड़ गई हैं. चूंकि पीड़ित लड़कियां अनुसूचित जनजाति से आती हैं, इसलिए पुलिस ने SC/ST (Prevention of Atrocities) Act की धाराएं लगाई हैं. यह एक गैर-जमानती अपराध है. इसके साथ ही धारा 79 महिला की मर्यादा को ठेस पहुंचाने वाले शब्द या इशारे, धारा 196 धर्म, जाति या जन्म स्थान के आधार पर नफरत फैलाना, धारा 351(2) आपराधिक धमकी देना भी लगा है.
इन धाराओं के तहत दोषियों को 5 से 7 साल तक की जेल हो सकती है. कानून के अनुसार, सार्वजनिक स्थान पर या ‘पब्लिक व्यू’ में किसी की जाति या नस्ल पर टिप्पणी करना एक गंभीर संज्ञेय अपराध है. घटना के बाद अरुणाचल के मुख्यमंत्री पेमा खांडू और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाया. उन्होंने दिल्ली पुलिस कमिश्नर से बात की, जिसके बाद जांच एक एसीपी रैंक के अधिकारी को सौंपी गई. आरोपियों की गिरफ्तारी इस बात का संदेश है कि दिल्ली में किसी भी भारतीय नागरिक के साथ उसकी पहचान के आधार पर भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

