आखिर क्यो ? मौलाना को बिहार से उठा ले गई यूपी एसटीएफ
पूर्णिया. बिहार के पूर्णिया जिले से एक चर्चित इस्लामी वक्ता मौलाना अब्दुल्ला सलीम चतुर्वेदी को उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने गिरफ्तार किया है. यह कार्रवाई सोमवार देर शाम अमौर थाना क्षेत्र के दलमालपुर गांव में की गई. मौलाना मूल रूप से अररिया जिले के जोकीहाट के रहने वाले बताए जाते हैं. गिरफ्तारी के बाद उन्हें यूपी ले जाया जा रहा है, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी. मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तारी अमौर थाना क्षेत्र के दलमालपुर गांव से हुई. मौलाना के खिलाफ यूपी के विभिन्न जिलों में दर्ज दर्जनों एफआईआर का हवाला देते हुए उन्हें यूपी ले जाया जा रहा है.
किडनैपिंग की अफवाह से बढ़ा भ्रम
गिरफ्तारी के दौरान स्थानीय स्तर पर भ्रम की स्थिति बन गई. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सिविल ड्रेस में पहुंचे कुछ लोगों ने मौलाना को अचानक अपने साथ ले लिया. इस दौरान हथियार दिखाए जाने की भी बात कही गई, जिससे लोगों को यह घटना अपहरण जैसी लगी. शुरुआती घंटों में स्थानीय पुलिस की ओर से कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई, जिससे अफवाहें और तेज हो गईं.
विधायक के बयान के बाद स्थिति साफ
मामला तब स्पष्ट हुआ जब अमौर के विधायक अख्तरुल ईमान ने थाने से संपर्क किया. इसके बाद पुष्टि हुई कि यह कार्रवाई यूपी STF की टीम ने की है. विधायक ने मौलाना के परिवार से भी बातचीत कर उन्हें स्थिति की जानकारी दी और भरोसा दिलाया कि मामला कानूनी प्रक्रिया के तहत है. उन्होंने यह भी बताया कि कानून पर उनको भरोसा है. विधायक का बयान सामने आने के बाद किडनैपिंग की आशंका खत्म हुई.
इस पूरे मामले की जड़ एक वायरल वीडियो को माना जा रहा है. मार्च की शुरुआत में एक धार्मिक सभा के दौरान मौलाना ने गौकशी कानूनों और उससे जुड़े मुद्दों पर टिप्पणी की थी. इसी दौरान उनके कुछ बयान आपत्तिजनक बताए गए, जिनमें धार्मिक भावनाओं और व्यक्तियों को लेकर अभद्र भाषा का आरोप लगा. वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद कई जगह विरोध शुरू हो गया.

