आगरा पुलिस ने मारते-मारते दोनों पैर तोड़े, ACP का ट्रांसफर, इंस्पेक्टर-SI सस्पेंड
आगरा में हत्या के मामले में उठाए गए 35 साल के युवक को पुलिस ने थर्ड डिग्री दी है। पुलिस ने दो दिन तक उसे टॉर्चर किया। उसने बताया- पुलिस मुझ पर हत्या कबूलने के लिए प्रेशर बना रही थी। इसलिए मारते-मारते मेरे दोनों पैर तोड़ दिए। जब मैं बेहोश हो गया, तो पुलिसवालों ने किरावली के एक हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया।
पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने बड़ा एक्शन लिया। अछनेरा ACP राम प्रवेश गुप्ता का ट्रांसफर कर दिया। लापरवाही मानते हुए किरावली इंस्पेक्टर नीरज कुमार, एसआई और बीट ऑफिसर को सस्पेंड कर दिया गया है।
कमिश्नर ने मामले की जांच DIG शैलेश पांडेय और एडिशनल कमिश्नर राम बदन सिंह को सौंपी है। मामला किरावली एरिया का है। करहारा में 6 जून को किसान वनवीर सिंह (58) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। वनवीर के भाई हरेंद्र सिंह के अनुसार, वह अपने घर पर अकेले रहते थे। 5 जून की रात करीब 11 बजे तक वनवीर सिंह से फोन पर बात हुई थी। सुबह करीब 10 बजे जब हरेंद्र सिंह पहुंचे तो उन्होंने अपने भाई को मरा हुआ पाया।
घटनास्थल पर घर का सारा सामान बिखरा पड़ा था। वनवीर के मोबाइल से सिम कार्ड गायब था। हरेंद्र सिंह ने 112 पर पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की और शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। घरवालों का कहना है कि वनवीर के गले पर निशान मिले थे, जिससे हत्या की आशंका जताई जा रही।
करहारा में 6 जून को किसान वनवीर सिंह (58) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। वनवीर के भाई हरेंद्र सिंह के अनुसार, वह अपने घर पर अकेले रहते थे। 5 जून की रात करीब 11 बजे तक वनवीर सिंह से फोन पर बात हुई थी। सुबह करीब 10 बजे जब हरेंद्र सिंह पहुंचे तो उन्होंने अपने भाई को मरा हुआ पाया।
घटनास्थल पर घर का सारा सामान बिखरा पड़ा था। वनवीर के मोबाइल से सिम कार्ड गायब था। हरेंद्र सिंह ने 112 पर पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की और शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। घरवालों का कहना है कि वनवीर के गले पर निशान मिले थे, जिससे हत्या की आशंका जताई जा रही।

