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राम मंदिर के ऊपर उड़ नहीं पाएंगे हवाई जहाज, एविएशन सेफ्टी के लिए बनेगा टॉवर

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अयोध्या में राम मंदिर के शिखर के ऊपर से विमान उड़ान नहीं भर पाएंगे। निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने बताया, ‘अब परिसर को एविएशन सेफ्टी से लैस किया जाएगा, ताकि दूर से पायलट को पता लग जाए। अगर कोई विमान राम मंदिर के शिखर की तरफ आएगा तो उसे टॉवर से सिग्नल दिया जाएगा। वो विमान की दिशा मोड़ लेगा। साथ ही आकाशीय बिजली से बचाने के लिए शिखर से जमीन तक 28 कॉपर के वायर लगाए जा रहे हैं।

पत्थरों में आए क्रैक की वजह पता चली राम मंदिर में लगे पत्थरों में क्रैक आ गए थे। निर्माण समिति ने इसकी वजह पता कर ली है। रैंप पर मौजूद 2 पत्थरों के बीच में गैप नहीं था। ऐसे में गर्मियों के दौरान तापमान बढ़ने से पत्थरों में क्रैक आ गया।

इसे सही करने के लिए अब क्रैक पत्थरों को निकाल कर वहां नए पत्थर लगाए जाएंगे। यहां दो पत्थरों के बीच में गैप न रखने की वजह से तापमान बढ़ने से दोनों पत्थरों में खिंचाव आया है। इससे पत्थर में क्रैक आया है।

नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि जून 2025 तक मंदिर निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा है। जन्मभूमि परिसर में एक पुष्कारिणी (फूलों से भरा तालाब) नाम से सरोवर बनेगा। अगले साल जून तक हिंदू संतों के 6 मंदिरों का निर्माण, तालाब और एक किलोमीटर लंबे परकोटे का निर्माण पूरा हो जाएगा।

तीन लाख घन फुट पत्थर परकोटा के निर्माण में लगाए जाने हैं। उन्होंने कहा कि हिंदू संतों की प्रतिमाएं जयपुर में बन रही हैं और इनका निरीक्षण जनवरी के अंतिम सप्ताह में किया जाएगा। इन मंदिरों का निर्माण कार्य पूरा होने पर इन प्रतिमाओं को स्थापित करने के लिए अयोध्या लाया जाएगा।

मंदिर में प्रवेश के लिए सभी चार दिशाओं में प्रस्तावित प्रवेश द्वारों का नाम इतिहास के प्रसिद्ध आचार्यों के नाम पर रखा जाएगा। ये नाम अभी तय किए जाने बाकी हैं। 70 एकड़ के मंदिर परिसर का 40 एकड़ हिस्सा हरित क्षेत्र को समर्पित होगा। इसमें से 18 एकड़ की ‘हरितिका वीथि’ मार्च तक तैयार हो जाएगी।

अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि परिसर में भव्य राम मंदिर का निर्माण चल रहा है। परिसर में राम दरबार समेत 18 मंदिर भी तैयार हो रहे हैं। इन मंदिरों के निर्माण में तेजी आई है। मंदिर परिसर में श्रद्धालु सुविधा केन्द्र (PFC) भवन के निकट श्रीराम चरित मानस के रचयिता तुलसी दास का मंदिर बनाया जा रहा है।161 फीट ऊंचे तीन मंजिला राम मंदिर का निर्माण दिसंबर, 2025 तक पूरा करने की योजना है। ग्राउंड फ्लोर से लेकर दूसरे फ्लोर तक की कुल ऊंचाई 60 फीट से अधिक हो जाएगी। ऐसे में श्रद्धालुओं को भूतल से प्रथम और दूसरे तल पर जाने में कोई असुविधा न हो, राम मंदिर ट्रस्ट इसके लिए लिफ्ट भी लगवा रहा है।

श्रीराम जन्मभूमि क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा ने बताया कि मंदिर के पश्चिम में दो लिफ्ट भी बन रही हैं।एक लिफ्ट 24 लोगों की क्षमता वाली होगी। उत्तर दिशा में छह लोगों की क्षमता वाली एक लिफ्ट का भी निर्माण किया जाना है। प्राण प्रतिष्ठा की वर्षगांठ यानी 22 जनवरी 2025 से पहले लिफ्ट का काम पूरा हो जाएगा।

ट्रस्ट ने कहा, सभी मंदिरों का निर्माण गुणवत्ता के साथ ही अच्छी गति से चल रहा है। अनुमान है कि निर्धारित समय सीमा में इन्हें तैयार कर लिया जाएगा। ट्रस्ट ने परिसर में बन रहे मंदिरों को समय से पूरा कराने के लिए मजदूरों की संख्या बढ़ा दी है। अब चार हजार मजदूर काम कर रहे हैं।

राम मंदिर के चारों ओर दक्षिण- पश्चिम कोने पर भगवान सूर्य, पश्चिम- उत्तर में भगवती, उत्तर- पूर्व भगवान शंकर, उत्तर -पश्चिम में गणपति मंदिर, दक्षिण भुजा के बीच हनुमान जी और उत्तरी भुजा के बीच में माता अन्नपूर्णा का मंदिर शामिल हैं।

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