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अलीगढ़ : 48 साल बाद अब्दुल करीम चौराहे से निकली शोभायात्रा, रोकते रह गए लोग

अलीगढ़. उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में एक शोभायात्रा अचानक चर्चा में आ गई है. अलीगढ़ के दुर्गा महारानी मंदिर सेवा समिति की ओर से हर साल निकाली जाने वाली मां काली की मेला शोभायात्रा 48 साल बाद पुराने रास्ते से होकर निकली तो सभी देखते रह गए. हालांकि इसे लेकर मेला कमेटी और स्थानीय लोगों के बीच थोड़ा विवाद भी हुआ. मेला कमेटी का कहना था कि नए रास्ते की गलियों में मकान बन गए हैं और वो सकरी हो गई हैं. इससे दिक्कत होती है, इसलिए मेले को पुराने रास्ते से ही निकला जाए. पुलिस ने भी समझाने की कोशिश की लेकिन हिंदूवादी नहीं माने और मां काली का ये मेला अब्दुल करीम चौराहे से होकर निकला. मेले के पुराने रास्ते से निकलने से खुश हिंदू वादियों ने योगी सरकार का धन्यवाद किया है. देर रात तक निकली इस शोभायात्रा के दौरान तमाम पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी सुरक्षाबलों के साथ मौके पर मौजूद रहे.

अड़े रहे लोग, प्रशासन बेबस

शहर में निकलने वाला ये सबसे पुराना मेला है. साल 1977 तक ये मेला अब्दुल करीम चौराहे से होकर निकलता था, लेकिन 1978 में एक दंगे की वजह से इस मेले के मार्ग को परिवर्तित कर दिया गया था. इस बार मेले के आयोजकों ने पुराने रास्ते से मेला निकालना तय किया था. पहले प्रशासन ने और लोगों ने काफी समझाया लेकिन हिंदूवादी अपनी मांग पर अड़े रहे. हारकर प्रशासन भी बेबस हो गया और मेले को अब्दुल करीम चौराहा से निकाला गया. पिछले वर्ष तक ये मेला दिल्ली गेट चौराहे से शुरू होकर कंवरीगंज से कटरा मोहल्ले में प्रवेश कर महावीर गंज में निकलता था. वहां से बाराद्वारी के रास्ते पत्थर बाजार रेलवे रोड होकर अचल ताल पहुंचता था. लेकिन इस बार ये दिल्ली गेट चौराहे से कंवरीगंज होकर अब्दुल करीम चौराहे से महावीर गंज की ओर निकाला गया.

हिंदूवादी नेता हर्षद ने बताया कि श्री दुर्गे महारानी मंदिर कमेटी की ओर से हर साल कटरा कंवरीगंज बाजार में ये विशाल शोभायात्रा निकाली जाती रही है. 1978 से पहले ये शोभायात्रा अब्दुल करीम चौराहे से होकर जाती थी, लेकिन विपरीत परिस्थितियों और सरकार दूसरी होने के कारण हिंदुओं का उत्पीड़न हुआ है और ये शोभायात्रा पुराने मार्ग से निकालने पर रोक लगा दी गई. आज हम योगी सरकार का धन्यवाद देना चाहेंगे कि जिन्होंने 1978 के बाद इस शोभायात्रा को पुराने रूट से निकलने दिया. आज हिंदू समाज गौरवान्वित महसूस कर रहा है.

आस्था का सम्मान

बजरंग दल के महानगर सह संयोजक अंकुर तिवारी ने कहा कि शासन-प्रशासन बधाई का पात्र है कि उसने हिंदुओं की आस्था का सम्मान किया. 46 साल से ये यात्रा पुराने रूट से नहीं निकल पाई थी. वहां के लोगों ने प्रयास किया कि इस बार भी उधर से न निकले. मेला कमेटी के लोगों ने समझाया तभी ये शोभायात्रा 48 साल बाद पुराने रास्ते से निकली पाई.

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