अलीगढ़ : चूरन समझकर बच्चों ने खाई जहरीली दवा
अलीगढ़ के आंगनबाड़ी केंद्र में चूरन समझकर जहरीला पदार्थ खाने से 8 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। सभी को उल्टी-दस्त शुरू हो गई। सिर में दर्द की शिकायत पर सभी को सीएचसी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद सभी को जेएन मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। मामला अतरौली क्षेत्र के नरौना आकापुर की है।
आकापुर नरौना के आंगनबाड़ी केंद्र में शुक्रवार को रोज की तरह बच्चे आए थे। दोपहर का भोजन मिलने से पहले सभी बच्चे आंगनबाड़ी केंद्र में पढ़ाई कर रहे थे।
थोड़ी देर बाद कमरे से बदबू आने लगी। इसके बाद मौके पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता चंद्रवती, महेंद्र कौर और योगेश पहुंचे। देखा बच्चे उल्टी कर रहे थे। कुछ बच्चों ने बताया कि उनके सिर में दर्द हो रहा है।
उन्होंने बच्चों से पूछा कि क्या किसी ने कुछ खाया है? तभी एक बच्ची ने डरते हुए एक पाउच फेंका। जब आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने उसे उठाकर देखा तो वह गेहूं को घुन से बचाने वाली जहरीली दवा का पाउच था।
लड़की बताया कि उसने यह पाउच घर की अलमारी से यह सोचकर लिया था कि यह कोई चूरन है। उसने इसे खुद भी खाया और अपने दोस्तों को भी दिया। इसे सभी 8 बच्चों ने चूरन समझकर खा लिया।
इस खाने से रोशनी (3) और उसकी बहन राधिका (4), सुमन (5) और उसका भाई यश (4), नेहा (5), और उसकी बहन काव्या (4), मुस्कान (4), निखिल (5) की तबीयत बिगड़ गई है। सूचना पर ग्रामीण पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया।
फिर किसी ग्रामीण ने पुलिस और एम्बुलेंस को सूचना दी। वहीं स्कूल स्टाफ और ग्रामीणों की मदद से बच्चों को बाइकों से तुरंत अतरौली के सरकारी अस्पताल पहुंचाया।
सीएचसी के इमरजेंसी में तैनात डॉ. अमरेंद्र यादव ने बताया- नरौना के 8 बच्चे अस्पताल आए थे। इन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। सभी की हालत खतरे से बाहर है। लेकिन बेहतर उपचार को उन्हें मेडिकल कालेज के लिए रेफर कर दिया गया है।
वहीं अलीगढ़ के अस्पताल में बीएसए ने भर्ती बच्चों का हालचाल जाना। बीएसए डॉ. राकेश कुमार सिंह ने बताया- सभी बच्चियों की हालत खतरे से बाहर है। पूरे मामले की जांच की जा रही है।