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यूपी में करीब 1500 पाकिस्तानी, एक्शन शुरू, योगी की DGP के साथ बैठक

यूपी में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों पर एक्शन शुरू हो गया है। यहां अलग-अलग जिलों में करीब 1500 पाक नागरिक रह रहे हैं। इनमें अधिकांश पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हैं। सूत्रों के अनुसार अब तक 118 पाक नागरिकों को चिह्नित किया गया है। इनमें मां-बेटी समेत 32 को अटारी बार्डर के जरिए पाकिस्तान भेज दिया गया।

यूपी में मौजूद पाकिस्तानियों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के घर पर गुरुवार देर रात एक बैठक हुई । जिसमें गृह विभाग के प्रमुख सचिव संजय प्रसाद और डीजीपी प्रशांत कुमार शामिल हुए। हालांकि सरकार ने पाक नागरिकों का कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं जारी किया है। केंद्र सरकार के आदेश के बाद पाक नागरिक LIU ऑफिस पहुंच रहे हैं।

सहारनपुर में विजिटर वीजा पर कुल 18 पाकिस्तानी नागरिक आए थे। इनमें से 12 नागरिकों ने गुरुवार को अटारी बॉर्डर से वापस भेज दिया गया।

बरेली से एक और बुलंदशहर से 5 पाकिस्तानियों को उनके देश डिपोर्ट कर दिया गया। जबकि आगरा से पाकिस्तानी दंपती को गुरुवार को अटारी बॉर्डर (पंजाब) भेजा गया। एक महीने के वीजा पर दस हिंदू (पाकिस्तान नागरिक) भी आगरा आए हुए हैं। उन्हें भी सूचित किया गया। लॉन्ग टर्म वीजा पर रहे 43 पाकिस्तानियों से भी सामान बांधने को कह दिया गया है।

बुलंदशहर के LIU ऑफिस में एक पाकिस्तानी महिला फूट-फूटकर रोने लगी। एक अफसर ने उन्हें दिलासा दिया। कहा, परेशान न हों, जब माहौल ठीक हो जाएगा तो दोबारा लाएंगे। इस पर महिला बोली- अब बहुत मुश्किल है। 12 साल बाद तो आने का मौका मिला था। अब, फिर पता नहीं कब आ पाऊंगी। वहीं, ग्रेटर नोएडा में रह रही सीमा हैदर भी पाकिस्तान भेजी जा सकती है।

यूपी में हाई अलर्ट है। यूपी पुलिस विभाग के लोकल इंटेलिजेंस विंग (LIU) ने सभी 75 जिलों से इनपुट मांगे गए हैं। किस जिले में पाकिस्तानी कितने दिन से रह रहे हैं, क्या उनके पास वीजा है, वीजा है तो किस कैटेगरी का है…जैसे सवालों से जवाब मांगे गए हैं।

कराची (पाकिस्तान) निवासी मकसूद अली उर्फ फैजान हरी पर्वत स्थित एलआईयू ऑफिस गुरुवार को पहुंचे। आगरा के ताजगंज इलाके में उनकी ससुराल है। वर्ष 1983 में उनका निकाह वरदा से हुआ था। कई साल से वह ससुराल आने की सोच रहे थे। बड़ी मुश्किल से वीजा मिला था। वह पांच दिन यानी 20 अप्रैल को आगरा अपने ससुराल आए थे।

मकसूद अली उर्फ फैजान ने बताया- मैं पंजाब से ट्रेन से आगरा आया था। ससुराल वाले भी काफी खुश थे। पहलगाम हमले के बाद भारत सरकार के कड़े फैसले की जानकारी हुई। इसके बाद मैं एलआईयू ऑफिस पहुंचा। यहां मैंने वापस जाने की जानकारी ली हैं। मैंने कहा- जो भी प्रक्रिया हो पूरी करा ली जाए।

डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि शार्ट टर्म वीजा पर पाकिस्तान से आए दंपती को गुरुवार शाम वापस भिजवा दिया गया। पति-पत्नी ताजगंज की मल्को गली में आए थे। पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने बताया कि पाकिस्तानी नागरिकों को वापस भेजने के संबंध में विस्तृत आदेश का इंतजार किया जा रहा है।

पाकिस्तान के कराची में दिल्ली मेंशन नॉर्थ रोड निवासी शहनाज बेगम का मायका बरेली के बारादरी थाना क्षेत्र में है। 1982 में उनकी शादी पाकिस्तान में शादी हुई थी। इसके बाद वह वहीं जाकर बस गईं। शहनाज ने बताया, वह बीच-बीच में अपने परिवार से मिलने के लिए भारत आती रहती हैं। इस बार 24 मार्च को अपनी बीमार मां को देखने पाकिस्तान से अमृतसर आई थी। वहां से बरेली आने के लिए पंजाब मेल में सवार हुई। रामपुर के पास सुबह के वक्त नींद आ गई। तभी पर्स चोरी हो गया। उसी पर्स में ही वीजा, पासपोर्ट और अन्य सभी दस्तावेज थे। जिसकी जीआरपी बरेली में गुमशुदगी दर्ज की गई थी।

45 दिन का वीजा था, पुलिस कस्टडी में दिल्ली भेजा गया शहनाज भारत में 45 दिन के वीजा पर आई थीं। जो 6 मई 2025 तक वैध है। मगर केंद्र सरकार के सख्त रुख के बाद उन्हें समय से पहले ही भारत छोड़ना पड़ रहा है।

बरेली पुलिस ने बुधवार देर रात शहनाज को नोटिस जारी किया। नोटिस में कहा, शहनाज को 48 घंटे में देश छोड़ना होगा। उन्हें बाघा बॉर्डर के माध्यम से पाकिस्तान वापस भेजा जाएगा। इसके लिए सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया है। पुलिस ने कहा- शहनाज को पाकिस्तान जाने के लिए दिल्ली एंबेसी में संपर्क करना होगा। गुरुवार दोपहर करीब एक बजे शहनाज को पुलिस कस्टडी में कार से दिल्ली भेजा गया है। साथ में उसका भाई तालिब भी गया है। अब वहां उसे पाकिस्तान भेजा जाएगा।

एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया, शहनाज विशेष उद्देश्य प्रवेश वीजा (SPEV) पर बरेली आई थीं। इनके वन टाइम ट्रैवल डॉक्यूमेंट के लिए एलआईयू और संबंधित एजेंसियों से पत्राचार किया गया। वहां से जो भी दिशा-निर्देश प्राप्त हुए हैं, उसके तहत पुलिस कार्रवाई कर रही है।

भारत सरकार की तरफ से जो भी निर्देश प्राप्त हुए हैं। उसके संबंध में भी उन्हें लिखित में अवगत करवा दिया गया है। भारत सरकार के आदेश के मुताबिक शहनाज को 48 घंटे में देश छोड़ना होगा। उसके पास वीजा नहीं है। एसएसपी ने बताया कि बरेली में लॉन्ग टर्म वीजा पर 34 लोग हैं, जिनका समय-समय पर सत्यापन भी कराया जाता है।

Umh News india

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