हरिद्वार रेलवे स्टेशन में बच्ची से रेप की कोशिश
हरिद्वार रेलवे स्टेशन के टिकट घर स्थित महिला शौचालय में साढे चार साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया गया। बच्ची की चीख-पुकार से मौके पर हड़कंप मच गया, जिसके बाद आसपास मौजूद लोगों ने शौचालय का दरवाजा तोड़ा और बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाला।
इस बीच आरोपी भीड़ का फायदा उठाकर चकमा देकर भाग निकला, लेकिन जीआरपी पुलिस ने घेराबंदी कर 14 घंटे के अंदर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले का रहने वाला है, जिसके खिलाफ पॉक्सो समेत कई संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है।
ट्रेन का इंतजार कर रहा था परिवार
जानकारी के मुताबिक, मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले का परिवार पिछले कुछ दिनों से तीर्थ यात्रा पर था। उज्जैन महाकाल, खाटू श्याम और वैष्णो देवी के दर्शन करने के बाद परिवार हरिद्वार और ऋषिकेश पहुंचा था।
सोमवार देर शाम यह परिवार वापस मध्य प्रदेश जाने के लिए हरिद्वार रेलवे स्टेशन के टिकट घर में ट्रेन का इंतजार कर रहा था। इसी दौरान उनकी साढे चार साल की मासूम बेटी ने शौचालय जाने की इच्छा जताई।
टॉयलेट से बच्ची के चीखने की आवाज आई
पिता ने बच्ची को टिकट घर के पास बने लेडीज टॉयलेट में भेजा और खुद बाहर कुछ दूरी पर खड़े होकर इंतजार करने लगे। कुछ ही देर बाद अंदर से बच्ची के जोर-जोर से चीखने की आवाज आई। पिता और वहां मौजूद लोग तुरंत अंदर भागे, तो देखा कि शौचालय का दरवाजा अंदर से बंद था।
लोगों ने मिलकर दरवाजा तोड़ा तो अंदर का नजारा देख सबके होश उड़ गए। अंदर एक युवक ने मासूम बच्ची को गलत इरादे से दबोचा हुआ था और उसके कपड़े अस्त-व्यस्त थे।
लोगों की मदद से पकड़ा गया आरोपी
लोगों ने तुरंत बच्ची को आरोपी के चंगुल से छुड़ाया। इस बीच, मौका पाकर आरोपी भीड़ का फायदा उठाकर वहां से भाग निकला। घटना की सूचना तुरंत जीआरपी को दी गई। जीआरपी कप्तान अरुणा भारती के निर्देश पर पुलिस टीम ने तुरंत घेराबंदी शुरू की और काफी मशक्कत के बाद लोगों के सहयोग से आरोपी को दबोच लिया।
14 घंटे में पुलिस का खुलासा
जीआरपी कप्तान अरुणा भारती के नेतृत्व में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 14 घंटे के अंदर पूरी गुत्थी सुलझा ली। पकड़े गए आरोपी की पहचान यश यादव (19), गाजीपुर (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 127(1), 62, 64 और 7/8 पॉक्सो अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
नशे और अय्याशी के लिए आया था हरिद्वार
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी यश यादव अनपढ़ है और घुमक्कड़ प्रवृत्ति का है। वह अक्सर घर से भाग जाता है। पुलिस के अनुसार, आरोपी हरिद्वार में चल रहे यात्रा सीजन और भीड़ का फायदा उठाकर अपने नशे के शौक और अय्याशी के इरादे से यहां आया था। पुलिस अब उसका पुराना आपराधिक इतिहास खंगाल रही है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए मौके पर फॉरेंसिक टीम बुलाई गई, जिसने महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्रित किए हैं। आरोपी का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और उसके कपड़ों को साक्ष्य के तौर पर सील कर दिया गया है। कप्तान अरुणा भारती ने इस त्वरित और सफल खुलासे के लिए सब इंस्पेक्टर प्रीति कर्णवाल और उनकी पूरी टीम को शाबाशी दी है।
सब इंस्पेक्टर प्रीति कर्णवाल, अपर उप निरीक्षक श्याम दास, हेड कॉन्स्टेबल हरीश पांडे, विनेश पंवार, राकेश दत्त, कॉन्स्टेबल शमशेर अली और खलील।

