यूपी में चाची-भतीजे की शादी, पति ने करवाए 7 फेरे
बागपत में चाची और भतीजे ने शादी कर ली। थाने के बाहर एक-दूसरे को वरमाला पहनाई और अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए। यह सब महिला के पति की मर्जी से हुआ। पति का कहना है कि पत्नी खाने में नींद की दवा मिलाकर मुझे और बच्चों को सुला देती थी और भतीजे के पास चली जाती थी।
उसने कहा- अगर वह शादी नहीं कराता, तो मुझे मेरठ की मुस्कान की तरह मारकर नीले ड्रम में भर देती। अब मेरा पत्नी से कोई लेना-देना नहीं है। पत्नी ने मुझे मुंह दिखाने लायक नहीं छोड़ा। अब मैं अपने बच्चों को लेकर कहीं और चला जाऊंगा।
शादी के बाद चाची-भतीजा घर नहीं गए। घरवालों का कहना है कि दोनों दूसरे शहर चले गए। 28 साल की महिला की शादी 8 साल पहले हुई थी। 5 साल से उसका 22 साल के भतीजे से अफेयर चल रहा था। मामला दोघट थाना क्षेत्र का है।
परिजनों ने समझाने की कोशिश की, लेकिन नहीं माने जिला मुख्यालय से 55 किलोमीटर दूर टीकरी कस्बा है। यहां के रहने वाले पंकज की शादी 8 साल पहले पूजा से हुई थी। दोनों के दो बच्चे हैं। बड़ा बेटा 5 साल का है और छोटा 3 साल का। पंकज ने बताया कि शादी के 3 साल बाद ही पूजा का पड़ोस में रहने वाले सगे भतीजे संजीव से अफेयर हो गया।
इस बात की जानकारी मिलने पर मैंने पूजा को समझाने की कोशिश की और भतीजे से मिलने पर रोक लगा दी। इस पर पूजा ने झगड़ा शुरू कर दिया। मामला पंचायत तक पहुंचा। ग्रामीणों ने पूजा और संजीव को काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन दोनों नहीं माने। इस बात को लेकर घर में अक्सर विवाद होता था।
पति बोला- मैं मानसिक तनाव में रहने लगा था मेरी अक्सर पूजा से मारपीट होने लगी। भतीजा संजीव भी मुझसे झगड़ने लगा। पत्नी के अवैध संबंध के चलते मैं मानसिक तनाव में था। बच्चों पर भी इसका बुरा असर पड़ रहा था। वह खाने में नींद की दवा मिलाकर मुझे और बच्चों को सुला देती थी और भतीजे के पास चली जाती थी।
मुझे डर था कि अगर मैंने दोनों को और रोकने की कोशिश की, तो पूजा मुझे और मेरे बच्चों को नीले ड्रम में भर देगी। दोनों की हरकतों से मैं और भतीजे के घरवाले आजिज आ चुके थे। इसलिए दोनों की शादी कराने का फैसला लिया। शुक्रवार शाम हम लोग दोनों को लेकर थाने पहुंचे।
मैंने पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी। पुलिस ने समझा-बुझाकर दोनों पक्षों को वापस भेज दिया। लेकिन थाने से बाहर निकलते ही पंकज ने पत्नी पूजा की भतीजे संजीव से शादी करा दी। दोनों ने पंकज और परिजनों के सामने ही एक-दूसरे के गले में वरमालाएं डालीं।पंकज ने पुलिस को लिखित में भी दिया कि दोनों अपनी मर्जी से शादी कर रहे हैं। अब उनका पंकज से कोई लेना-देना नहीं है और उसे कोई शिकायत नहीं है। दोनों एक-दूसरे को चाहते थे, इसलिए मैंने अपनी मर्जी से शादी करवाई। अब इस गांव में मेरे लिए कुछ नहीं बचा।

