बांग्लादेश का डबल गेम! पहले पाकिस्तान को दिया झटका
ढाका: बांग्लादेश के पीएम तारिक रहमान ने 25 मार्च को ‘नरसंहार दिवस’ मनाते हुए पाकिस्तान पर निशाना साधा था. 1971 में पाकिस्तान की ओर से बंगाली लोगों पर हुए अत्याचार को उन्होंने सबसे शर्मनाक और क्रूर दिनों में से एक बताया. यह बात पाकिस्तान को अच्छी नहीं लगी. अब इसी बीच बांग्लादेश अमेरिका से करीबी बढ़ाने लगा है. बांग्लादेश के आर्मी चीफ वाकर-उज-जमान US की यात्रा पर जा रहे हैं. 29 मार्च से वह अमेरिका के पांच दिवसीय दौरे पर जाएंगे. सेना प्रमुख बनने के बाद यह उनका दूसरा दौरा होगा. इस दौरे की टाइमिंग बेहद खास है. वह ऐसे समय पर अमेरिका जा रहे हैं, जब US और ईरान के बीच युद्ध चल रहा है.
चुनाव के बाद पहली यात्रा
दौरे की टाइमिंग इसलिए भी खास है क्योंकि हाल ही में 12 फरवरी को हुए आम चुनावों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने भारी बहुमत से जीत हासिल की है. वहीं जमात-ए-इस्लामी विपक्ष की भूमिका में आई है. दूसरी तरफ शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग को चुनाव लड़ने की अनुमति ही नहीं दी गई थी, जिसे पूर्व अंतरिम सरकार ने आतंकवाद विरोधी कानून के तहत बैन कर दिया था. जनरल वाकर-उज-जमान खुद इस पूरे राजनीतिक बदलाव के केंद्र में रहे हैं. अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के सत्ता से हटने के बाद उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी. इसके बाद मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में बनी अंतरिम सरकार करीब 18 महीने तक सत्ता में रही.
अब ऐसे माहौल में उनका अमेरिका दौरा कई सवाल खड़े कर रहा है. आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, उन्हें जॉर्जिया के सीनेटर शेख रहमान ने स्टेट कैपिटल आने का निमंत्रण दिया है. इस दौरे में उनके साथ उनकी पत्नी और कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी भी शामिल होंगे. यह दौरा सिर्फ औपचारिक नहीं माना जा रहा. इससे पहले अक्टूबर 2024 में भी जनरल जमान अमेरिका और कनाडा गए थे, जहां उन्होंने संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन, रक्षा सहयोग और सैन्य क्षमता बढ़ाने जैसे मुद्दों पर चर्चा की थी. उस दौरे का मकसद साफ तौर पर अमेरिका और उसके सहयोगियों के साथ रिश्ते मजबूत करना था.

