बुलंदशहर : कुट्टू आटे की कचौरी खाने से 38 बीमार
बुलंदशहर में चैत्र नवरात्र के पहले दिन व्रत के दौरान कूटू के आटे से बनी कचौरी खाने के बाद 38 लोग फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए। सभी को देर रात जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उनका इलाज जारी है।
जानकारी के अनुसार, श्रद्धालुओं ने स्थानीय दुकानों से कूटू का आटा खरीदा था। व्रत खोलने के बाद शाम को पकौड़ी, पूरी और अन्य व्यंजन बनाकर खाए। इसके कुछ ही समय बाद लोगों को सिरदर्द, चक्कर, जी मिचलाना और उल्टी जैसी शिकायतें होने लगीं। तबीयत बिगड़ने पर एक ही परिवार समेत कई लोग देर रात अस्पताल पहुंचने लगे। जिससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया।
बीमार पड़े लोगों में सतपाल पुत्र मामचंद (धमरा अड्डा), ममता पत्नी सतपाल, मोनिका पुत्री सतपाल, ओमवती पत्नी राजेंद्र (मीरपुर), सुभान पुत्र राजेंद्र, देवेश पुत्र राजेंद्र, काजल पुत्री राजेंद्र, मनीष कुमार पुत्र जयपाल सिंह (सुशील विहार), ज्योति पत्नी मनीष कुमार, राणा पुत्र मनीष कुमार, हार्दिक पुत्र मनीष कुमार, मछला देवी पत्नी नेपाल सिंह (हीरापुर), रानी पत्नी विनोद (सतला बीवी नगर), मनोरमा पुत्री नेपाल सिंह (हीरापुर), पवन पुत्र नेपाल सिंह (हीरापुर), गौरी पत्नी दिशा (कृष्ण नगर), राजकुमार पुत्र अमर सिंह (धमरा अड्डा), अश्वनी कुमार पुत्र अखिलेश (स्याना रोड), गौरव बिष्ट पुत्र जीवन, निशांत सक्सेना पुत्र अनुज कुमार, बीना देवी पत्नी राजेंद्र सिंह (बॉर्डर), सनी पुत्र राजेंद्र सिंह, श्वेता पत्नी राजेंद्र सिंह, अंशु पत्नी बॉबी, कैलाश पुत्र गेंदा सिंह (राधा नगर), विमलेश पत्नी कैलाश, ललित पुत्र तेजवीर (तातारपुर), पिंकी पत्नी ललित, कविता पुत्री कैलाश (राधा नगर), ममता पत्नी मंजू (दिसपुर), गज्जू पुत्र मोहर सिंह, नीलू सिंह पुत्र सुरेंद्र कुमार (स्याना रोड), सुरेंद्र कुमार पुत्र बादाम सिंह, राजेंद्र सिंह पुत्र करण सिंह (मोहन नगर भूड़), दिया पत्नी राजेंद्र सिंह, तनु पुत्री राजेंद्र सिंह, जिया पुत्री राजेंद्र सिंह, पीयूष पुत्र राजेंद्र सिंह शामिल है।
प्रारंभिक जांच में स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि कूटू का आटा खराब या एक्सपायरी था। प्रशासन ने इस मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। अस्पताल में मरीजों का इलाज जारी है।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. प्रदीप राणा ने बताया- नवरात्र के पहले दिन व्रत के दौरान कूटू के आटे से बने व्यंजन खाने के 38 लोगों की तबियत बिगड़ी थी। सभी मरीजों को भर्ती कर इलाज किया गया है। जिनमें से कुछ की हालत में सुधार होने पर उन्हें छुट्टी भी दे दी गई है।

