बुलंदशहर : आचार्य प्रमोद कृष्णम बोले-हिंदुत्व मिटाने वाले खुद मिट जाएंगे
बुलंदशहर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रमोद कृष्णम आचार्य के बयानों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी। अपने संबोधन में उन्होंने भारत के इतिहास, हिंदुत्व, समकालीन राजनीति और अंतरराष्ट्रीय मामलों पर तीखी टिप्पणियां कीं। आचार्य ने कहा कि भारत इसलिए गुलाम नहीं हुआ क्योंकि विदेशी ताकतवर थे, बल्कि देश के भीतर मौजूद गद्दारों के कारण ऐसा हुआ। उन्होंने यह भी जोड़ा कि जो लोग आज हिंदुत्व और हिंदू शब्द से नफरत करते हैं, वे स्वयं हिंदू समाज का हिस्सा हैं।
अपने बयान में उन्होंने हिंदुत्व को मिटाने की कोशिश करने वाले नेताओं पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा, “हिंदुत्व को मिटाने की कोशिश करने वाले खुद ही मिट जाएंगे।” समाजवादी पार्टी के एक वरिष्ठ नेता का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हिंदू और हिंदुत्व को अलग बताने की राजनीति देश को कमजोर करने का प्रयास है। उन्होंने महाराष्ट्र की राजनीति का भी उल्लेख किया और अल्पसंख्यक समाज से अपील की कि वे उन दलों को समर्थन न दें जो धर्म को केवल चुनावी मुद्दा बनाते हैं।
भारत सनातन और हिंदुत्व के जागरण के दौर में
प्रमोद कृष्णम आचार्य ने दावा किया कि आज भारत सनातन और हिंदुत्व के जागरण के दौर से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत एक महाशक्ति बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और अंतरराष्ट्रीय मंच पर उसे अभूतपूर्व सम्मान मिल रहा है। अमेरिका, रूस, ईरान और इज़रायल जैसे देश भी भारत के साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि देश के भीतर कुछ “राष्ट्र विरोधी तत्व” सत्ता पाने के लिए भारत को तोड़ने जैसी राजनीति कर रहे हैं। ये तत्व भारत की संस्कृति, सभ्यता और सनातन पर हमला कर रहे हैं।
बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार
बांग्लादेश में हिंदुओं पर कथित अत्याचारों को लेकर प्रमोद कृष्णम आचार्य ने इसे गंभीर विषय बताया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार को उचित समय पर ठोस निर्णय लेना चाहिए, हालांकि अभी किसी तरह की आक्रामक कार्रवाई व्यावहारिक नहीं होगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर भरोसा जताया कि पाकिस्तान के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक की तरह बांग्लादेश मामले में भी उचित कदम उठाए जाएंगे।
प्रमोद कृष्णम आचार्य ने बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति पर सवाल उठाया और कहा कि वहां लोकतंत्र कमजोर हुआ है और कट्टरपंथी ताकतों का प्रभाव बढ़ा है, जिसके चलते हिंदू समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं मणि शंकर अय्यर और राहुल गांधी पर भी तीखी टिप्पणियां की। राहुल गांधी के अयोध्या दौरे से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि किसी स्थान पर जाना या न जाना उतना महत्वपूर्ण नहीं है, जितनी राम के प्रति श्रद्धा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने पहले राम मंदिर से जुड़े फैसलों का विरोध किया और अब केवल राजनीति के तहत बयानबाजी कर रही है।
धर्मांतरण और यूपी सरकार की सख्ती
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर भी उन्होंने तीखे शब्दों में टिप्पणी की। धर्मांतरण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि यह स्वार्थ के लिए किया जा रहा है, जो कानून के खिलाफ है और उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार इस पर सख्ती से कार्रवाई कर रही है।
संभल का जिक्र करते हुए प्रमोद कृष्णम आचार्य ने कहा कि धार्मिक ग्रंथों में जिस भूमि का उल्लेख है, वही भारत के भविष्य की दिशा तय करेगी। उन्होंने दावा किया कि संभल में चल रही प्रशासनिक कार्रवाइयां केवल दोषियों के खिलाफ हैं और किसी भी निर्दोष पर कार्रवाई नहीं की गई है।
अपने लंबे और आक्रामक बयान के अंत में उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार को दोहराया और इसे केवल एक देश का नहीं, बल्कि पूरे मानवाधिकारों का सवाल बताया।

