बुलंदशहर : स्मार्ट मीटर का विरोध शुरू
बुलंदशहर में पुराने बिजली मीटरों के स्थान पर स्मार्ट मीटर लगाने के अभियान का विरोध शुरू हो गया है। खिड़की मोहल्ले के निवासियों ने स्मार्ट मीटर लगाने का विरोध करते हुए बिजली विभाग के प्रति नाराजगी व्यक्त की है। उनका आरोप है कि ये मीटर सामान्य से अधिक तेज चलते हैं, जिससे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (PVVNL) द्वारा बुलंदशहर में पुराने मीटरों को हटाकर स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। विभाग का दावा है कि इन मीटरों से बिजली चोरी रुकेगी और बिलिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। हालांकि, स्थानीय निवासी इस दावे से सहमत नहीं हैं और मीटरों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।
मोहल्ले के निवासियों, जिनमें सलमान, आमिर, जहीर और उस्मान शामिल हैं, ने बताया कि जिन क्षेत्रों में पहले स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं, वहां उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में वृद्धि दर्ज की गई है। उनका आरोप है कि ये मीटर सामान्य गति से अधिक तेज चलते हैं, जिसके कारण उन्हें अधिक बिल का भुगतान करना पड़ता है। इसी आशंका के चलते उन्होंने अपने क्षेत्र में मीटर लगाने से इनकार कर दिया।
विरोध प्रदर्शन के दौरान, लोगों ने स्पष्ट किया कि जब तक मीटरों की जांच और उनकी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक वे इन्हें स्थापित नहीं होने देंगे। उन्होंने विभाग से इस संबंध में ठोस कदम उठाने की मांग की है।
दूसरी ओर, बिजली विभाग के अधिकारियों ने दावा किया है कि स्मार्ट मीटर पूरी तरह सटीक हैं और उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। फिलहाल, मोहल्ले में जारी विरोध के कारण मीटर लगाने का कार्य बाधित हुआ है। विभाग और स्थानीय निवासियों के बीच इस मुद्दे पर बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
ऊर्जा निगम के मुख्य अभियंता संजीव कुमार ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि जिन लोगों को लगता है कि स्मार्ट मीटर तेज चल रहा है, वे पुराने मीटर के साथ इसकी टेस्टिंग करा सकते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्मार्ट मीटर तेज नहीं चल रहे हैं, बल्कि ये उपभोक्ताओं के लिए सुविधाजनक हैं।

