बुलंदशहर : शिक्षकों ने पैदल मार्च कर TET अनिवार्यता समाप्त करने की मांग, किया प्रदर्शन
बुलंदशहर में ‘टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दिनेशचन्द शर्मा के आह्वान पर जिले में शिक्षकों ने पैदल मार्च निकालकर TET की अनिवार्यता के विरोध में प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में शिक्षक कलेक्ट्रेट गेट पहुंचे और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर धरना दिया।
यह प्रदर्शन उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सुशील कुमार शर्मा के नेतृत्व में आयोजित किया गया। प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने जोरदार नारेबाजी की। “TET की अनिवार्यता समाप्त करो – शिक्षकों का सम्मान बहाल करो!” और “शिक्षकों के सम्मान में, TFI मैदान में” जैसे नारे गूंजते रहे।
पैदल मार्च के बाद शिक्षकों का हुजूम कलेक्ट्रेट गेट पहुंचा, जहां उपजिलाधिकारी को प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। जिलाध्यक्ष सुशील कुमार शर्मा ने कहा कि नियुक्ति के समय सभी आवश्यक योग्यताएं पूरी करने वाले अनुभवी शिक्षकों पर बाद में TET की अनिवार्यता थोपना न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने कहा कि शिक्षक अपने अधिकारों के लिए अंतिम दम तक संघर्ष करेंगे।
उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष संजीव भारद्वाज ने कहा कि नीति और न्याय सभी के लिए समान होना चाहिए। शिक्षकों के लिए अलग और अन्य के लिए अलग नीति स्वीकार्य नहीं है।
अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष विनोद शर्मा ने इस निर्णय को अव्यावहारिक और दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि पुराने शिक्षकों पर TET थोपना अनुचित है और जब तक यह अनिवार्यता समाप्त नहीं होगी, विरोध जारी रहेगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय उपाध्यक्ष देवदत शर्मा ने की, जबकि संचालन जिला मंत्री बाबू सिंह और धर्मेन्द्र काव्य ने किया।

