प्रयागराज में मस्जिद के पास DJ बजाने पर बवाल, पत्थर चले, लाठी-डंडे लेकर हिंदू-मुस्लिम भिड़े
प्रयागराज में स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा यात्रा के दौरान डीजे को लेकर हिंदू और मुस्लिम आमने सामने आ गए। शुक्रवार को तीन- तीन डीजे बजाते हुए हिंदू समुदाय के लोगों ने तिरंगा यात्रा निकाली।
डीजे की धुन पर थिरकते युवाओं और जुलूस में शामिल लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था। जैसे ही यात्रा मांडा थाना क्षेत्र के कूदर गांव के पास पहुंची तो मुस्लिम समुदाय ने शांति भंग होने का आरोप लगाते हुए विरोध किया।
इसी को लेकर पहले दोनों पक्षों में नोकझोंक हुई, लेकिन धीरे-धीरे मामला इतना बढ़ गया कि विवाद मारपीट में बदल गया। घटनास्थल से करीब 100 मीटर पर मस्जिद है।
जैसे ही मामला सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो पुलिस- प्रशासन हरकत में आया। मौके पर भारी संख्या में पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने 11 लोगों पर नामजद मुकदमा दर्ज किया है। हालांकि, देर रात पुलिस तैनाती से हालात काबू में आए, लेकिन गांव में तनाव अब भी बरकरार है।
प्रयागराज के मांडा थाना क्षेत्र के कूदर गांव में स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा यात्रा के दौरान बड़ा विवाद हो गया। शुक्रवार दोपहर करीब 1 बजे हिंदू समुदाय के लोगों ने तीन-तीन डीजे के साथ तिरंगा यात्रा निकाली। जैसे ही यह यात्रा कूदर गांव स्थित धर्मस्थल से 100 मीटर आगे पहुंची, तभी आमने से आ रही चार पहिया गाड़ियां से साइड लेने की वजह से यात्रा रुक गई।
इस दौरान कूदर गांव के करीब 11 लोग मौके पर पहुंचे और डीजे की तेज आवाज को लेकर विरोध किया। इसी को लेकर दोनों पक्षों में नोकझोंक हो गई। तकरीबन 2 घंटे की नोकझोंक के बाद मामला मारपीट में तब्दील हो गया। हिंदू समुदाय झंडे फाड़ने और यात्रा का विरोध का आरोप लगाया।
सोशल मीडिया पर फैलते ही आलाधिकारी सतर्क कुछ ही देर में घटना की वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इसके बाद प्रशासन हरकत में आ गया। तुरंत ही मौके पर भारी संख्या के गांव में भारी संख्या में पुलिस को तैनात कर दिया।
डीसीपी विवेक चंद्र यादव ने तुरंत गंभीरता दिखाते हुए गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया। पुलिस ने किसी तरह हालात को शांत किया और दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। इस बीच, तिरंगा यात्रा की अगुआई कर रहे पियरी गांव निवासी विकास हरिजन ने पुलिस को लिखित तहरीर दी।
पुलिस ने 11 लोगों के खिलाफ दर्ज किया केस तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुस्लिम समुदाय के 11 लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया। लेकिन जैसे ही यह खबर विरोधी पक्ष को मिली, गांव का माहौल फिर से गरमाने लगा। शाम को दोनों पक्ष एक बार फिर आमने-सामने आ गए और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
अधिकारियों ने रात भर डेरा डाला स्थिति बिगड़ती देख एसीपी मेजा एसपी उपाध्याय, मेजा थाना इंचार्ज दीनदयाल सिंह और मांडा थाना इंचार्ज शैलेंद्र सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इसके अलावा डीसीपी यमुनानगर ने जिले से अतिरिक्त फोर्स भेजकर कूदर गांव में तैनात करा दिया। गांव की गलियों से लेकर चौराहों तक पुलिस बल गश्त करता रहा और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने की कोशिश की गई।
पुलिस की सख्ती और अधिकारियों की मौजूदगी के बाद देर रात स्थिति तो संभाल ली गई, लेकिन गांव में तनाव अभी भी बरकरार है। लोग घरों से कम ही निकल रहे हैं और माहौल सामान्य होने में समय लग सकता है। प्रशासन ने साफ किया है कि शांति भंग करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।