google-site-verification=aXcKQgjOnBT3iLDjEQqgeziCehQcSQVIW4RbI82NVFo
Crime News

अल्ट्रासाउंड सेंटर का कोड वर्ड- रिपोर्ट ‘ओके’ यानी लड़का, ‘निगेटिव’ तो गर्भ में लड़की पल रही

4 / 100 SEO Score

मेरठ में मेडिकल कॉलेज के ठीक सामने अल्ट्रासाउंड सेंटर पर भ्रूण लिंग परीक्षण के अवैध धंधे का खुलासा हुआ है। हरियाणा से पहुंची टीम ने छापेमारी कर डॉक्टर को रंगे हाथों पकड़ा। गर्भ में लड़का है या लड़की, इसके लिए डॉक्टर कोड वर्ड में बात करती थी। ‘निगेटिव’ का मतलब लड़की और ‘ओके’ का मतलब लड़के से होता था। मौके पर पुलिस ने सेंटर संचालिका और तीन दलालों को गिरफ्तार किया है।

हरियाणा से मेरठ पहुंची PCPNDT (गर्भधारण पूर्व और प्रसव पूर्व निदान तकनीक) की टीम को कई दिनों से इस अल्ट्रासाउंड सेंटर के गैर-कानूनी कामों के बारे में खबर मिल रही थी। मंगलवार को संस्था की टीम ने सेंटर पर चल रहे अवैध जांचों की पोल खोलने के लिए जाल बिछाया। इसके बाद सारा सच सामने आ गया।

हरियाणा पीसीपीएनडीटी की टीम मंगलवार को अपने साथ एक गर्भवती महिला लेकर मेरठ के ग्लोबल डायग्नोस्टिक सेंटर लेकर आई। महिला की बात अनिल नाम के एजेंट से कराई। वह ग्लोबल डायग्नोस्टिक के लिए काम करता है।

एजेंट अनिल अल्ट्रासाउंड कराने के लिए तैयार हो गया। उसने अल्ट्रासाउंड की फीस 700 रुपए बताई। छापेमारी टीम ने महिला को एक सीरीज वाले 2 नोट दिए। जो उसे फीस के तौर पर अल्ट्रासाउंड सेंटर पर पेमेंट देने थे।

इसके बाद एजेंट अनिल अपने दो और साथी हेमेंद्र और पवन के साथ महिला को लेकर डॉ. छवि बंसल के ग्लोबल डायग्नोस्टिक सेंटर पर ले गया। यहां टीम मेंबर की महिला का अल्ट्रासाउंड हुआ। उसने सेम सीरीज के 500-500 के 2 नोट फीस के तौर पर दिए। जिससे स्टाफ ने 300 रुपए महिला को वापस किए। फीस देकर जैसे ही महिला बाहर निकली, तो उससे कहा गया रिपोर्ट ओके है। इस कोड वर्ड का मतलब है कि गर्भ में लड़का है।

इतना सुनते ही दूर खड़ी छापेमारी की टीम सेंटर के अंदर आती है और सेम सीरीज के नोटों के आधार पर सेंटर में छापा मारकर जांच करती है। मौके से तीनों एजेंट और डॉक्टर को अरेस्ट कर लेती है। रोहतक पीसीपीएनडीटी के नोडल अफसर डॉ. विश्वजीत राठी ने बताया कि ग्लोबल डायग्नोस्टिक सेंटर मेरठ मेडिकल अस्पताल के सामने डायग्नोस्टिक सेंटर पर छापेमारी की। हमारी टीम को सूचना मिली थी कि यहां मेरठ मेडिकल अस्पताल के सामने ग्लोबल डायग्नोस्टिक सेंटर में भ्रूण लिंग की जांच होती है। अनिल नाम के एजेंट से संपर्क किया गया था।

उसने कहा कि हम लिंग परीक्षण करा देंगे। दोपहर 1 बजे मंगलवार को मेरठ आ जाना। पूरी प्लानिंग के साथ हमारी टीम उसकी बताई जगह पर पहुंची। अनिल के साथ हमारी पैसों की डील हुई। अनिल के साथ पवन और हेमेंद्र भी जुड़े थे। हेमेंद्र और पवन हमारी महिला मरीज को लेकर ग्लोबल डायग्नोस्टिक सेंटर में अंदर लेकर गए। फिर उसका अल्ट्रासाउंड कराया।

अल्ट्रासाउंड सेंटर से बाहर निकलकर एजेंट ने कहा कि आपकी भ्रूण लिंग जांच हो गई। उसने लड़का-लड़की नहीं, बल्कि इशारे में कहा कि रिपोर्ट सही है आपकी। ये कहना ही इशारा है कि गर्भ में पल रहा बच्चा लड़का है।

सीएमओ महेश चंद्रा ने कहा कि रोहतक की टीम यहां छापेमारी के लिए आ रही है, इसकी मुझे सूचना मिली थी। उसके तहत मैं उस टीम को फॉलो करने के लिए यहां ग्लोबल अल्ट्रासाउंड सेंटर पर पहुंचा। यहां रोहतक की टीम के साथ मेरी मुलाकात हुई।

उन्होंने कहा कि मैंने देखा कि हरियाणा की टीम यहां तीन लोगों से पूछताछ कर रही थी। टीम ने अल्ट्रासाउंड सेंटर में छापेमारी की। साथ ही वो नोट भी बरामद किए, जो टीम द्वारा दिए गए। कब से यहां क्या चल रहा था, उसको अभी नहीं बता सकते।

4 / 100 SEO Score
Umh News india

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *