जयपुर में मस्जिद के लाउडस्पीकर को लेकर विवाद
जयपुर. विधानसभा में शून्यकाल के दौरान विधायक बालमुकुंद आचार्य ने मस्जिदों में लगे लाउडस्पीकरों की आवाज से उत्पन्न समस्याओं को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि जयपुर के परकोटा क्षेत्र में कई मस्जिदों पर बड़े-बड़े लाउडस्पीकर लगाए गए हैं, जिनकी आवाज़ निर्धारित सीमा से बहुत अधिक होती है. इसके कारण आम जनता, विशेषकर विद्यार्थी और बुजुर्ग, प्रतिदिन परेशानियों का सामना कर रहे हैं. तेज आवाज से लोगों की नींद में खलल पड़ता है और यह आम आदमी के अधिकारों का हनन है.
विधायक ने सदन में बताया कि आम लोग कई बार मस्जिद में जाकर आवाज कम करने की बात कहते हैं, लेकिन धर्म विशेष के लोग अक्सर विवाद के लिए तैयार हो जाते हैं. उन्होंने कहा कि इस मामले में कई शिकायतें दर्ज कराई गईं, लेकिन अभी तक कोई ठोस निदान नहीं हुआ है और किसी के खिलाफ कठोर कार्रवाई भी नहीं की गई.
बालमुकुंद आचार्य ने राजस्थान विधानसभा में शून्यकाल के दौरान विशेष रूप से रमजान माह में लगाए जाने वाले एक्स्ट्रा लाउडस्पीकरों पर चिंता जताई. उन्होंने सुझाव दिया कि प्रशासन को तय करना चाहिए कि लाउडस्पीकरों को केवल निर्धारित समय और सीमित आवाज में काम करने दिया जाए या उन्हें पूरी तरह हटाया जाए. विधायक ने जोर देकर कहा कि यह मामला केवल धार्मिक भावना का नहीं, बल्कि आम जनता के अधिकार और शांति का है.
सदन में यह मुद्दा उठाने के बाद अन्य विधायकों ने भी इस पर चर्चा की और कहा कि शहर के विभिन्न हिस्सों में लाउडस्पीकरों की आवाज़ से उत्पन्न समस्या गंभीर हो चुकी है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि इस मामले में जल्दी कार्रवाई की जाए और लोगों की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए नियमों का पालन करवाया जाए.
मस्जिदों में आवाज कम करने की मांग पहले भी कई बार उठाई जा चुकी है, लेकिन फिलहाल इसे लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. विधायक बालमुकुंद आचार्य का कहना है कि अगर समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आमजन का असंतोष बढ़ेगा. उन्होंने प्रशासन से अपील की कि मस्जिदों में लगाए जाने वाले लाउडस्पीकरों की आवाज़ को कानूनी सीमा में लाया जाए, ताकि विद्यार्थी, बुजुर्ग और आम लोग बिना किसी परेशानी के अपने दैनिक जीवन को चला सकें.्र

