अमेरिका-ईरान के सीजफायर का काउंटडाउन शुरू
तेहरान: अमेरिका-ईरान की भीषण जंग अब एक बड़े मोड़ पर पहुंचती दिख रही है. इजरायली मीडिया KAN की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शनिवार यानी 28 मार्च को ईरान के साथ सीजफायर का ऐलान कर सकते हैं, और यही संभावना इजरायल के लिए सबसे बड़ी चिंता बन गई है. इजरायली मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायल को डर है कि अमेरिका अचानक या एकतरफा तरीके से युद्ध रोक सकता है, ताकि ईरान के साथ बातचीत का रास्ता खोला जा सके. एक वरिष्ठ इजरायली सूत्र के हवाले से कहा गया है कि अगर ईरान कोई ‘बड़ी रियायत’ देता है, तो ट्रंप अस्थायी तौर पर जंग रोक सकते हैं.
सीजफायर का नाम सुनकर क्यों खुश नहीं इजरायल?
इजरायल को सबसे ज्यादा चिंता इस बात की है कि यह सीजफायर ऐसे समय पर आ सकता है जब युद्ध अपने अहम मोड़ पर है. रिपोर्ट्स के अनुसार, इजरायल मानता है कि अभी सैन्य बढ़त हासिल करने का समय है और इसी वजह से उसने अपने हमले तेज कर दिए हैं. इजरायली चैनल 12 की रिपोर्ट कहती है कि शनिवार तक सीजफायर का ऐलान हो सकता है. इसी संभावना को देखते हुए प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की अगुवाई में उच्चस्तरीय बैठक हुई, जिसमें युद्ध के आखिरी लक्ष्यों को तेजी से हासिल करने की रणनीति बनाई गई. इसी बीच एक बड़ी खबर सामने आई है कि नेतन्याहू ने सेना को निर्देश दिए हैं कि संभावित सीजफायर से पहले ईरान के हथियार ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया जाए. हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इससे यह साफ है कि इजरायल युद्ध को जल्द खत्म करने के मूड में नहीं है. दूसरी तरफ, अमेरिका और इजरायल के बीच तालमेल अभी भी मजबूत बताया जा रहा है. US सेंट्रल कमांड के प्रमुख के जल्द ही इजरायल दौरे की उम्मीद है, ताकि आगे की रणनीति पर चर्चा हो सके.
लेकिन इस पूरे घटनाक्रम के बीच ईरान का रुख बिल्कुल सख्त बना हुआ है. न्यूज एजेंसी AP की रिपोर्ट के मुताबिक ईरानी मीडिया ने कहा कि तेहरान ने अमेरिका के 15 पॉइंट वाले सीजफायर प्रस्ताव को खारिज कर दिया है. पाकिस्तान के जरिए भेजे गए इस प्रस्ताव को ईरान ने स्वीकार नहीं किया. ईरान का साफ कहना है कि वह अपनी शर्तों पर ही युद्ध खत्म करेगा. यानी फिलहाल किसी समझौते के आसार बेहद कम नजर आ रहे हैं.

