लखनऊ में रोजगार मेले में उमड़ी बेरोजगारों की भीड़
लखनऊ में कौशल विकास विभाग की तरफ से आज (18 मार्च को) रोजगार मेला लगाया गया है। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित इस मेले में 104 कंपनियां हायरिंग कर रही हैं। एक दिवसीय इस मेले में 15 हजार पदों पर भर्ती की जाएगी। कौशल विकास मिशन के डायरेक्टर ने दावा किया है कि चयनित युवाओं को आज ही ऑफर लेटर दे दिया जाएगा।
मेले में बैंकिंग, मैन्युफैक्चरिंग, प्रोडक्शन, ऑटो सेक्टर से जुड़ी कंपनियों ने अपने स्टॉल लगाए हैं। यहां दोपहर 1 बजे तक युवाओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। राज्य मंत्री कपिल देव ने इसका उद्घाटन किया। इसके साथ ही चैटबॉट ‘कौशल दोस्त’ लॉच किया गया। यह चैटबॉट एआई बेस्ड है, जो बेरोजगार युवाओं को नौकरी की जानकारी से हर समय अपडेट रखेगा।
रोजगार मेले में प्रदेशभर से युवा पहुंच रहे हैं। उन्हें डॉक्यूमेंट्स के साथ बुलाया गया है। मेले में सबसे पहले QR कोड से खुद का रजिस्ट्रेशन करना है। उसके बाद टोकन लेना है। टोकन के मुताबिक ही कंपनी के स्टॉल पर लाइन में खड़े होना है।
कौशल विकास मिशन के डायरेक्टर पुलकित खरे ने बताया- कंपनियों से पहले ही उम्मीदवारों के रहने-खाने की व्यवस्था, न्यूनतम वेतन और अन्य सुविधाओं पर सभी बिंदु तय कर लिए गए हैं। इस रोजगार मेले में कुल 120 कंपनियां शामिल हैं, जिनमें से 80 नेशनल लेवल की कंपनियां हैं, जबकि 40 कंपनियां स्थानीय मंडल में ही रोजगार उपलब्ध कराएंगी।
कौशल विकास मिशन के डायरेक्टर पुलकित खरे ने बताया कि आज जितनी भी कंपनियों को यहां पर बुलाया गया है उनसे पहले से ही कई बिंदुओं पर स्पष्टता ले ली गई है। यह तय कर लिया गया है कि वह चयनित युवाओं के रहने-खाने की व्यवस्था, मिनिमम सैलरी और अन्य सुविधाएं क्या-क्या देंगे। “झिझक ही बनती है गिरावट की शुरुआत”
उन्होंने कहा कि जब छात्र कक्षा में या ट्यूशन में अपनी शंका नहीं पूछते, तो यहीं से उनके पतन की शुरुआत हो जाती है। चाहे स्कूल हो या महंगी कोचिंग -अधिकांश छात्र समझ न आने पर भी चुप रहते हैं, जो उनके सीखने की प्रक्रिया को कमजोर करता है।
“अपनी बात कहना सीखिए, यही आधी जीत है”
मंत्री ने युवाओं से आग्रह किया कि वे अपनी बात को स्पष्ट, कम शब्दों में, सही समय और विनम्रता के साथ रखना सीखें। न झगड़े से, न डर से, बल्कि आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखना ही जीवन की आधी लड़ाई जीतने जैसा है।
“कॉन्फिडेंस और प्रेजेंटेशन से बनती है पहचान”
उन्होंने कहा कि इंटरव्यू के दौरान केवल ज्ञान ही नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, मुस्कुराहट, सही बॉडी लैंग्वेज और प्रेजेंटेशन भी महत्वपूर्ण होते हैं। ड्रेस कोड महंगा होना जरूरी नहीं, बल्कि अवसर के अनुसार सुसज्जित होना ज्यादा जरूरी है।
“स्किल के साथ व्यवहार और संवाद भी जरूरी”
कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि युवाओं के पास आईटीआई, पॉलिटेक्निक, ग्रेजुएशन या अन्य डिग्रियां हो सकती हैं, लेकिन इंटरव्यू में उनकी बातचीत और व्यवहार ही उन्हें अलग पहचान दिलाते हैं।
“सिर्फ सैलरी नहीं, सीखने और मेहनत पर दें ध्यान”
उन्होंने कहा कि नौकरी में केवल वेतन के हिसाब से काम करने की सोच गलत है। कंपनियां हमेशा ज्यादा काम लेकर ही आगे बढ़ती हैं। ऐसे में युवाओं को पूरी निष्ठा, मेहनत और ऊर्जा के साथ काम करना चाहिए, तभी वे आगे बढ़ सकते हैं।
“मेहनत, समर्पण और सकारात्मक सोच से मिलेगी सफलता”
मंत्री ने युवाओं को संदेश दिया कि वे अपने काम के प्रति पूरी तरह समर्पित रहें, मेहनत करें और सीखने की इच्छा बनाए रखें। यही दृष्टिकोण उन्हें करियर में आगे ले जाएगा

