Delhi Meerut Express Way: दिल्ली से मेरठ आने-जाने वालों का सफर, टोल होगा महंगा
मेरठ: देश की राजधानी दिल्ली से मेरठ (Meerut) या गाजियाबाद (Ghaziabad) की ओर दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे (Delhi Meerut Express Way) से आने जाने वाले वाहन चालकों का सफर महंगा होने वाला है. नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (National Highway Authority of India) अगले महीने से टोल की दरें बढ़ाने की तैयारी कर रहा है. इससे लोगों की जेब पर भारी असर पड़ेगा. आइए जानते हैं किसे कितना टोल चुकाना होगा.
कब से बढ़ेगा टोल?
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में रहने वाले लाखों वाहन चालकों के लिए नया वित्तीय वर्ष 2026-27 अतिरिक्त खर्च लेकर आ रहा है. खासतौर पर वे लोग जो रोजाना या अक्सर दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद से मेरठ और हापुड़ की ओर यात्रा करते हैं, उन्हें झटका लगने वाला है. नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने 1 अप्रैल 2026 से प्रमुख एक्सप्रेसवे और राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल दरों में वृद्धि का प्रस्ताव रखा है.
सबसे अधिक प्रभाव जिन मार्गों पर पड़ेगा, उनमें दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (DME), ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (EPE) और नेशनल हाईवे-9 (NH-9) शामिल हैं. ये सभी मार्ग दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच कनेक्टिविटी के प्रमुख साधन हैं. रोजाना लाखों वाहन इन सड़कों से गुजरते हैं, जिससे इनका आर्थिक और सामाजिक महत्व काफी बड़ा है.
NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अरविंद कुमार के अनुसार, टोल दरों में लगभग 5 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की जाएगी. यह बढ़ी हुई दरें 31 मार्च की रात 12 बजे से लागू हो जाएंगी. हालांकि, अभी तक आधिकारिक नई दरों की सूची जारी नहीं की गई है, लेकिन मौजूदा दरों के आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि वाहन चालकों को थोड़ा अधिक भुगतान करना पड़ेगा.
अभी ये है दर
अगर वर्तमान दरों की बात करें, तो दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर सराय काले खां से मेरठ तक कार या जीप के लिए लगभग 170 रुपये का टोल लगता है, जबकि NH-9 पर यही यात्रा 175 रुपये में पूरी होती है. हल्के व्यावसायिक वाहनों के लिए यह शुल्क क्रमशः 275 और 280 रुपये है, जबकि बस और ट्रक जैसे भारी वाहनों को 580 रुपये से 590 रुपये तक का भुगतान करना पड़ता है.
अब यदि इन दरों में 5 प्रतिशत की वृद्धि लागू होती है, तो कार चालकों को मेरठ तक के सफर के लिए लगभग 8 से 10 रुपये अधिक देने पड़ सकते हैं. पहली नजर में यह राशि बहुत अधिक नहीं लगती, लेकिन जो लोग रोजाना इन मार्गों का उपयोग करते हैं, उनके लिए यह मासिक और वार्षिक स्तर पर एक बड़ी रकम बन जाती है. उदाहरण के लिए, यदि कोई व्यक्ति रोजाना इस मार्ग पर आना-जाना करता है, तो महीने में यह अतिरिक्त खर्च सैकड़ों रुपये तक पहुंच सकता है.
वर्तमान में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर सराय काले खां से मेरठ तक का सफर करने के लिए अलग-अलग श्रेणियों में निम्नलिखित टोल वसूला जाता है.
वाहन श्रेणी वर्तमान दर (DME) वर्तमान दर (NH-9)
कार/जीप ₹170 ₹175
हल्के व्यावसायिक वाहन ₹275 ₹280
बस/ट्रक ₹580 ₹590
इस बढ़ोतरी का असर केवल व्यक्तिगत वाहन चालकों पर ही नहीं पड़ेगा, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों पर भी होगा. ट्रांसपोर्ट कंपनियों और लॉजिस्टिक्स सेक्टर के लिए लागत बढ़ने का मतलब है कि सामान की ढुलाई महंगी होगी. इसका असर उपभोक्ताओं तक पहुंचेगा. यानी यह वृद्धि अप्रत्यक्ष रूप से महंगाई को भी बढ़ा सकती है. टोल दरों के साथ-साथ NHAI ने एनुअल फास्टैग पास की कीमतों में भी बढ़ोतरी की है. 15 मार्च को जारी अधिसूचना के अनुसार, इस पास की कीमत 3,000 से बढ़ाकर 3,075 रुपये कर दी गई है. यह वृद्धि भले ही 75 रुपये की हो, लेकिन यह भी दर्शाती है कि सड़क उपयोग से जुड़ी लागत धीरे-धीरे बढ़ रही है.
हालांकि एनुअल फास्टैग पास के कुछ बड़े फायदे भी हैं. एक बार भुगतान करने के बाद पूरे साल बार-बार रिचार्ज की जरूरत नहीं पड़ती. यह पास एक साल या 200 टोल प्लाजा पार करने तक मान्य होता है, जो भी पहले पूरा हो. खासतौर पर उन लोगों के लिए यह बेहद उपयोगी है जो नियमित रूप से हाईवे का इस्तेमाल करते हैं. वर्तमान में देशभर में 56 लाख से अधिक वाहन मालिक इस सुविधा का लाभ उठा रहे हैं.

