दिल्ली : गणतंत्र दिवस 2026: मल्टी- लेयर होगी सुरक्षा व्यवस्था
77वें गणतंत्र दिवस को लेकर राजधानी दिल्ली पूरी तरह सुरक्षा कवच में ढल चुकी है। कर्तव्य पथ पर होने वाले मुख्य समारोह को लेकर दिल्ली पुलिस ने ऐसी बहुस्तरीय और हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था तैयार की है, जिसमें जमीन से लेकर आसमान तक हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जाएगी।
हजारों पुलिसकर्मी, अर्धसैनिक बल, कमांडो, स्नाइपर टीमें, एंटी-ड्रोन यूनिट और अत्याधुनिक कैमरों के नेटवर्क के जरिए राजधानी को अभेद्य बनाने की कोशिश की गई है। पुलिस का साफ संदेश है समारोह पूरी तरह सुरक्षित, शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न होगा।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, गणतंत्र दिवस परेड से जुड़ी तैयारियों के तहत फुल ड्रेस रिहर्सल से एक दिन पहले ही सुरक्षा व्यवस्था को उच्चतम स्तर पर पहुंचा दिया जाएगा। 23 जनवरी दोपहर करीब 2 बजे तक परेड मार्ग के आसपास स्थित सैकड़ों इमारतों को सील किया जाएगा। इसी तरह मुख्य परेड से पहले 25 जनवरी दोपहर 12 बजे से 26 जनवरी को कार्यक्रम समाप्त होने तक इन इमारतों पर सख्त नियंत्रण रहेगा। इन इलाकों में रहने वाले लोगों और कार्यालयों के लिए विशेष पहचान और अनुमति व्यवस्था लागू की गई है।
कर्तव्य पथ, इंडिया गेट और लुटियंस जोन के आसपास ऊंची इमारतों पर स्नाइपर टीमें तैनात रहेंगी। इसके साथ ही इजराइली सॉफ्टवेयर से लैस फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (एफआरएस) और पीटीजेड कैमरों की संख्या में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई है। ये कैमरे दूर तक घूमकर हर संदिग्ध हरकत पर नजर रख सकेंगे। पुलिस कंट्रोल रूम से पूरे क्षेत्र की लाइव मॉनिटरिंग होगी, ताकि किसी भी स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
आसमान से भी होगी सख्त निगरानी
सिर्फ जमीन ही नहीं, बल्कि आसमान से भी सुरक्षा को अभेद्य बनाया गया है। संभावित हवाई खतरों को देखते हुए एंटी-ड्रोन टीमें तैनात की गई हैं। किसी भी अनधिकृत ड्रोन या संदिग्ध उड़ान गतिविधि को तुरंत निष्क्रिय करने के लिए विशेष उपकरण लगाए गए हैं। ऊंची इमारतों पर मौजूद स्नाइपर और तकनीकी टीमें मिलकर पूरे हवाई क्षेत्र पर चौबीसों घंटे नजर रखेंगी।
20 हजार जवान, एक हजार कैमरे
नई दिल्ली जिला डीसीपी देवेश कुमार महला के अनुसार, कर्तव्य पथ, इंडिया गेट, आसपास की प्रमुख सड़कों और संवेदनशील स्थानों पर दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के करीब 20 हजार जवान तैनात किए गए हैं। हर आने-जाने वाले व्यक्ति और वाहन की सघन जांच की जा रही है। पूरे इलाके में लगभग एक हजार सीसीटीवी कैमरे सक्रिय हैं, जिन्हें आधुनिक एफआरएस तकनीक से जोड़ा गया है। राजधानी के सभी प्रमुख रेलवे स्टेशनों, मेट्रो परिसरों, बस अड्डों और आईजीआई एयरपोर्ट पर भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। भीड़भाड़ वाले बाजारों में अतिरिक्त गश्त बढ़ाई गई है। सार्वजनिक स्थानों पर मोस्ट वॉन्टेड आतंकियों के पोस्टर लगाए गए हैं, ताकि आम लोग भी सतर्क रहें और किसी संदिग्ध की सूचना तुरंत पुलिस तक पहुंचाई जा सके।
होटल, गेस्ट हाउस और किरायेदारों का सत्यापन
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नई दिल्ली जिले के सभी होटल, गेस्ट हाउस, किरायेदारों और घरेलू सहायकों का सघन सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस का उद्देश्य है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या बाहरी तत्व को पहले ही चरण में पहचान लिया जाए। इसके लिए स्थानीय पुलिस स्टेशनों को विशेष निर्देश दिए गए हैं।
एनक्लोजर में सख्त पाबंदियां
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि एनक्लोजर के भीतर सुरक्षा के लिहाज से कई वस्तुओं पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। बैग, ब्रीफकेस, खाने-पीने का सामान, मोबाइल के अलावा अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, पानी की बोतल, पावर बैंक, छाता, लाइटर, माचिस, चाकू, कैंची, हथियार, ज्वलनशील पदार्थ या कोई भी प्रतिबंधित वस्तु ले जाने की अनुमति नहीं होगी। सुरक्षा जांच के दौरान इन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस-पब्लिक की साझेदारी पर जोर
दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे जिम्मेदार नागरिक बनें और सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करें। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, वस्तु या गतिविधि की जानकारी तुरंत नजदीकी पुलिसकर्मी को दें या 112 पर कॉल करें। अधिकारियों का कहना है कि पुलिस और जनता की साझेदारी से ही शहर को पूरी तरह सुरक्षित रखा जा सकता है।

