मथुरा-वृंदावन में मनाया जा रहा ‘दिव्य और भव्य’ उत्सव
Krishna Janmashtami Live Updates: कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है. इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी जन्मस्थान पर दर्शन करने के लिए कुछ ही देर में पहुंचेंगे. सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं ताकि सभी श्रद्धालु सुरक्षित और आराम से पूजा कर सकें. जन्माष्टमी के रंगारंग कार्यक्रम और भव्य झांकियां भी इस अवसर की शोभा बढ़ा रही हैं.
बांके बिहारी मंदिर में मंगला आरती का समय
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक साल में 1 बार जन्माष्टमी पर बांके बिहारी मंदिर में मंगला आरती की जाती है, जिसमें शामिल होने के लिए दूर-दराज से लोग आते हैं. इस दौरान न केवल आरती बल्कि कान्हा जी का महाभिषेक भी की जाता है, जो बेहद शुभ होता है. इस बार 16 अगस्त 2025 को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर रात 12 बजे मंगला आरती होगी.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्रीकृष्ण के प्राकट्य उत्सव में भाग लेने मथुरा पहुंचे. वेटरनरी कॉलेज प्रांगण स्थित हेलीपैड पर उतरने के बाद वे श्रीकृष्ण जन्मस्थान के लिए रवाना हुए, जहां दर्शन-पूजन करेंगे. इसके बाद सीएम योगी पाञ्चजन्य प्रेक्षागृह पहुंचेंगे, जहां 645 करोड़ रुपये की 118 परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास कर ब्रजवासियों को सौगात देंगे. वे साधु-संतों का सम्मान करेंगे और गिरिराज पर्वत पर बनी डॉक्यूमेंट्री भी देखेंगे. कार्यक्रम उपरांत दोपहर 2 बजे सीएम योगी मथुरा से प्रस्थान करेंगे. सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.
संभल में भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की धूम, द्वापर युग में रुक्मिणी संग आए थे भगवान श्रीकृष्ण
संभल के बेनीपुर चक गांव में जन्माष्टमी का पर्व विशेष श्रद्धा के साथ मनाया जाता है. मान्यता है कि द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण रुक्मिणी संग यहां आए थे और कदंब के वृक्ष के नीचे विश्राम किया था. यह स्थान अब वंश गोपाल तीर्थ के नाम से प्रसिद्ध है. विष्णु पुराण और स्कंद पुराण में भी श्रीकृष्ण के संभल आगमन का उल्लेख मिलता है. यहां आज भी वह कदंब का वृक्ष और ब्रह्माजी द्वारा बनवाया गया प्राचीन मंदिर मौजूद है. जन्माष्टमी पर भगवान को पालने में झुलाया जाता है और श्रद्धालु बड़ी संख्या में दर्शन को पहुंचते हैं
प्रयागराज: इस्कॉन मंदिर में भव्य जन्माष्टमी उत्सव, 108 कलशों से होगा अभिषेक
प्रयागराज के इस्कॉन मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व भव्य रूप से मनाया जा रहा है. राधा-कृष्ण के लिए वृंदावन से रत्नजड़ित पोशाकें मंगाई गई हैं. मंदिर को फूलों से सजाया गया है. तीन दिवसीय उत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रम, फूलों की होली, झूलन यात्रा और भजन संध्या आयोजित की जा रही है. युवाओं के लिए भागवत गीता पर कार्यक्रम रखा गया है. 108 कलशों से भगवान का अभिषेक होगा. रात 1 बजे प्राकट्य उत्सव मनाया जाएगा. 60-70 हजार श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद की व्यवस्था की गई है.
कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. आतंकी गतिविधियों की आशंका को देखते हुए एटीएस कमांडो तैनात किए गए हैं. पूरे परिसर और आसपास के क्षेत्र में चप्पे-चप्पे पर पुलिस, पीएसी और खुफिया एजेंसियां अलर्ट हैं. ड्रोन से निगरानी की जा रही है और हर श्रद्धालु की गहन चेकिंग की जा रही है. प्रशासन ने किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए तीन स्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया है.
मथुरा में जन्मोत्सव शुरू
भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली और लीला स्थली मथुरा में जन्मोत्सव शुरू हो गया है. इस दौरान शोभायात्रा में ब्रज संस्कृति की अद्भुत, अलौकिक और अकल्पनीय छटा दिखाई दी. कहीं रास तो कहीं मयूर नृत्य देश विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को लुभा रहा हैं. जन्मोत्सव को भव्य और दिव्य रूप में मनाए जाने की तैयारियां पूरी हो गई है.