DM ने बैंकों को दिए निर्देश, लाभार्थियों को मिले योजनाओं का सीधा लाभ
बुलंदशहर में जिलाधिकारी श्रुति की अध्यक्षता में जिला सलाहकार समिति और जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में प्रगति रिपोर्ट मांगी गई। इस बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, डीडीएम नाबार्ड, उपायुक्त राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, उपायुक्त जिला उद्योग केंद्र, जिला ग्रामोद्योग अधिकारी और ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान के निदेशक सहित विभिन्न बैंकों के जिला समन्वयकों ने भाग लिया। भारतीय रिजर्व बैंक के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
बैठक में बैंकों द्वारा संचालित शासन प्रायोजित योजनाओं और राष्ट्रीय उद्देश्यों की बिंदुवार समीक्षा की गई। ऋण जमानुपात (Credit Deposit Ratio) और वार्षिक ऋण योजना के तहत हुई प्रगति पर विस्तृत चर्चा हुई। जिलाधिकारी श्रुति ने सभी बैंकों को निर्देश दिए कि वे वर्तमान तिमाही के अंत तक वार्षिक ऋण योजना के तहत अधिकतम प्रगति हासिल करें। उन्होंने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना, मुख्यमंत्री माटीकला योजना, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना और एक जिला एक उत्पाद जैसी रोजगारपरक योजनाओं के लंबित आवेदनों का तत्काल वितरण करने तथा वार्षिक लक्ष्यों को प्राप्त करने का भी निर्देश दिया।
इसके अतिरिक्त, किसान क्रेडिट कार्ड (फसली, मत्स्य एवं पशुपालन), प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना, स्वयं सहायता समूहों को सीसीएल (Cash Credit Limit), प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (PM SVANidhi) और प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से संबंधित पत्रावलियों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, जन सुरक्षा योजनाओं में प्रगति और अनक्लेम्ड डिपॉजिट (दावारहित जमा) पर भी विस्तार से चर्चा की गई। ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) के निदेशक को निर्देश दिया गया कि वे संस्थान से प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके अधिक से अधिक लाभार्थियों को रोजगारपरक योजनाओं से जोड़ें।

