बांके बिहारी मंदिर का 100 बीघा जमीन का कागजात गायब
मथुरा: ठाकुर श्री बांके बिहारी जी मन्दिर के नाम कोटा राजस्थान में लगभग 90 से 100 बीघा भूमि कार्यकारी प्रबन्धक द्वारा बताई गयी, जिसके अभिलेख मन्दिर में उपलब्ध नहीं है. कोटा राजस्थान में स्थित भूमि के अभिलेखों की व्यवस्था कराने हेतु विचार विमर्श हाई पावर्ड कमेंटी के अध्यक्ष और समिति के लोग कर रहे हैं.
मंदिर में है बेशकीमती खजाना
जन-जन की आराध्य ठाकुर बांके बिहारी मंदिर का बेस कीमती खजाना विगत महा खोला गया था. यह खजाना खोलते वक्त प्रशासन के द्वारा वीडियो ग्राफी कराई गई. विधि विधान से इस खजाने को खोलने की प्रक्रिया शुरू हुई और जब खजाना खुला, तो इसमें जो तस्वीर निकाल कर सामने आई वह तस्वीर आश्चर्य चकित कर देने वाली थी. खजाना खुलने से पूर्व यह अनुमान लगाया जा रहा था कि भगवान बांके बिहारी मंदिर में बेशकीमती खजाना है. सोना, चांदी के आभूषणों के अलावा हीरा, पन्ना और जवाहारात इस खजाने में भरे हुए हैं, लेकिन जब खजाना खुला सारी हकीकत सामने आ गई.
प्रशासन के अधिकारियों ने मंदिर के पुजारी को खजाना खोलते वक्त अंदर जाने नहीं दिया गया. खजाना खोल तो सेवायातों के द्वारा विरोध भी शुरू किया गया था. तरह-तरह के आरोप प्रशासन पर मंदिर के पुजारी ने लगाई मंदिर के पुजारी का कहना है कि प्रशासन की जिद के कारण किसी भी समाज के व्यक्ति को अंदर जाने की अनुमति नहीं थी. दूसरी ओर ठाकुर बांके बिहारी मंदिर से जुड़े हुए कागजात के साथ-साथ भगवान बांके बिहारी की राजस्थान के कोटा में मौजूद करीब 100 बीघा जमीन के कागज आखिर कहां चले गए.
पुजारी ने इस बात को लेकर भी अपनी आवाज उठाई लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात ही निकला. पुजारीयों का सवाल है कि जिस बेशकीमती जमीन के कागज मंदिर के उस रिकॉर्ड रूम में होने चाहिए थे, उस रिकॉर्ड रूम से आखिर मंदिर की जमीन के कागजात कहां गए. लगभग 90 से 100 बीघा भूमि कार्यकारी प्रबन्धक द्वारा बताई गयी, जिसके अभिलेख मन्दिर में उपलब्ध नहीं है. कोटा राजस्थान में स्थित भूमि के अभिलेखों की व्यवस्था कराने हेतु विचार विमर्श हाई पावर्ड कमेंटी के अध्यक्ष और समिति के लोग कर रहे हैं. सवाल ये है की आखिर मंदिर की भूमि के कागज़ कहाँ गए.

