google-site-verification=aXcKQgjOnBT3iLDjEQqgeziCehQcSQVIW4RbI82NVFo
Crime News

लखनऊ में डबल डेकर बस पलटी, खिड़की से गिरीं लाशें

लखनऊ में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर डबल डेकर बस पलट गई। हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई, 45 लोग घायल हो गए। 28 घायलों को SGPGI के एपेक्स ट्रॉमा सेंटर भेजा गया। इनमें 7 बच्चे, 12 पुरुष और 9 महिलाएं शामिल हैं। सोमवार को हादसे के बाद के फोटो-वीडियो सामने आए।

वीडियो में दिख रहा है कि क्रेन से बस को सीधा करते ही खिड़कियों से शव सड़क पर गिर गए। सड़क पर चारों ओर खून फैल गया। बस सीधी होने के बाद भी कुछ घायल और मृत यात्री खिड़कियों से लटके रहे। तस्वीरों में कई यात्रियों के हाथ-पैर शरीर से अलग दिखाई दे रहे हैं। एक छोटा-सा जूता खून से सना पड़ा मिला।

बस लुधियाना (पंजाब) से मोतिहारी (बिहार) जा रही थी। हादसे के वक्त बस की रफ्तार 80 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा बताई जा रही है। बस पलटते ही अफरा-तफरी मच गई। ड्राइवर और क्लीनर बस छोड़कर भाग गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बचाव कार्य शुरू किया। क्रेन की मदद से बस को सीधा कर टोल प्लाजा तक ले जाया गया। पुलिस ने सफाईकर्मियों से सड़क पर लगे खून को साफ कराया।

मरने वालों में बीरेंद्र (30), अंजली (8), प्रियांशु (15) के अलावा एक 6 साल का बच्चा और 30 साल का एक युवक शामिल है। यात्रियों का कहना है कि ड्राइवर ने हादसे से करीब आधे घंटे पहले ढाबे पर शराब पी थी। वहीं, कुछ यात्रियों का कहना है कि ड्राइवर को झपकी आने से हादसा हुआ। बस नंबर और ड्राइवर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। ड्राइवर सोमपाल हरियाणा के पानीपत जिले के नौल्था का रहने वाला है।

बस ड्राइवर ने पुलिस पूछताछ में बताया- ढाबे पर खाने के दौरान मैंने हल्की ड्रिंक (शराब पी) की थी। एक्सप्रेस-वे पर अचानक ब्रेकर आ गया। इस वजह से ब्रेक मारा। सवारी अधिक होने के कारण बस बेकाबू होकर डिवाइडर से टकराकर पलट गई।

हालांकि, ड्राइवर ने सही बयान नहीं दिया है, क्योंकि जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां कोई ब्रेकर है ही नहीं। वहीं, एक प्रत्यक्षदर्शी अंश पटेल के अनुसार- बस सांप की तरह लहरा रही थी। फिर अचानक पलट गई। हादसा होते ही चीख-पुकार मच गई। हम लोग भागकर मौके पर पहुंचे।

1- 16 स्लीपर की अनुमति, बना दी गईं 43 आरटीओ टीम ने बस का निरीक्षण किया। टीम में शामिल एआरटीओ (प्रशासन) प्रभात पांडेय ने बताया- बस की इंटरनल जांच की जा रही है। यह देखा जा रहा है कि बस की अंदरूनी बॉडी डिजाइन में बदलाव किया गया था या नहीं। मानकों के मुताबिक सीटों के बीच पर्याप्त जगह और पीछे इमरजेंसी गेट होना जरूरी है, ताकि बस पलटने की स्थिति में यात्री बाहर निकल सकें।

2- कागजों में फिट, मौके पर नियमों की अनदेखी एआरटीओ (प्रवर्तन) आलोक कुमार यादव के अनुसार, बस दस्तावेजों में पूरी तरह फिट पाई गई, लेकिन जांच में बड़े पैमाने पर नियमों का उल्लंघन सामने आया। बस में 16 स्लीपर और 32 सिटिंग सीटों की अनुमति थी, लेकिन अंदरूनी ढांचे में छेड़छाड़ कर 43 स्लीपर सीटें बना दी गईं। क्षमता से अधिक 90 यात्रियों को बैठाया गया।

67 चालान, फिर भी सड़क पर दौड़ती रही बस डबल डेकर बस पर अब तक 67 चालान दर्ज हैं, जिनका भुगतान नहीं किया गया। इसके बावजूद बस लगातार सड़क पर चलती रही। यह बस 50 से अधिक आरटीओ और एआरटीओ क्षेत्रों से होकर गुजरी, लेकिन न पुलिस ने रोका, न ट्रैफिक विभाग ने और न ही परिवहन विभाग ने कोई ठोस कार्रवाई की।

बस की तकनीकी जांच मंगलवार को कराई जाएगी। आरटीओ (प्रवर्तन) प्रभात पांडेय के अनुसार, ब्रेक, पहिए, टायर, वायरिंग समेत अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच आरआई टेक्निकल टीम करेगी। रिपोर्ट आने के बाद ही बस की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

Umh News india

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *