ऊर्जा मंत्री ने उपभोक्ताओं को परेशान न करने के दिए निर्देश
लखनऊ. उत्तर प्रदेश के ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं, ताकि प्रदेश में निर्बाध और निरंतर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके. लखनऊ के शक्ति भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने बिजली विभाग की कार्यशैली पर गहरी नाराजगी जताई और उपभोक्ता सेवाओं को बेहतर करने, गलत बिलिंग, ट्रांसफार्मर बदलने में देरी, और बिजली चोरी रोकने की प्रक्रिया में सुधार के लिए स्पष्ट निर्देश दिए.
ऊर्जा मंत्री ने स्पष्ट किया कि छोटे बकायेदारों के बिजली कनेक्शन काटने की प्रथा को तत्काल रोका जाए. उन्होंने कहा, “जो लोग समय पर बिल भर रहे हैं, उनकी क्या गलती? छोटे बकाये के लिए पूरे गांव या फीडर की बिजली काटना अन्याय है.” उन्होंने ऐसे मामलों में शामिल कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आदेश दिया. साथ ही, बकायेदारों के लिए अलग से कार्रवाई की प्रक्रिया अपनाने और सामान्य उपभोक्ताओं को परेशान न करने के निर्देश दिए.
मंत्री ने गलत बिलिंग पर चिंता जताते हुए कहा कि यह उपभोक्ताओं के विश्वास को तोड़ रहा है. उन्होंने एक उदाहरण का जिक्र किया, जहां एक सामान्य उपभोक्ता को 72 करोड़ रुपये का बिल भेजा गया. “कंप्यूटर युग में ऐसी गलतियां अस्वीकार्य हैं. बिल सुधारने के नाम पर रिश्वतखोरी बर्दाश्त नहीं होगी,” उन्होंने कहा. गलत बिलिंग की शिकायतों को तत्काल निपटाने और ऐसी त्रुटियों पर पूर्ण विराम लगाने के लिए प्रक्रियाओं को दुरुस्त करने का आदेश दिया गया.
ऊर्जा मंत्री ने ट्रांसफार्मर जलने और उनकी मरम्मत या प्रतिस्थापन में देरी पर गहरी नाराजगी जताई. उन्होंने कहा, “ट्रांसफार्मर जलने के बाद कई दिनों तक उसकी रिपोर्ट तक नहीं होती. यह लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.” उन्होंने निर्देश दिया कि ट्रांसफार्मर बदलने की प्रक्रिया को त्वरित और विकेन्द्रित किया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को समय पर सुविधा मिल सके. इसके लिए स्टोर की क्षमता बढ़ाने और सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया.
मंत्री ने बिजली चोरी रोकने के लिए मौजूदा रणनीति पर सवाल उठाए और कहा कि चोरी रोकने के नाम पर पूरे फीडर की बिजली काटना उचित नहीं है. उन्होंने विजिलेंस टीमों पर छोटे उपभोक्ताओं को धमकाकर वसूली करने का आरोप लगाया और निर्देश दिया कि बड़ी और संगठित बिजली चोरी पर ध्यान केंद्रित किया जाए. “विजिलेंस गलत जगह छापे मार रही है. जहां बड़ी चोरी हो रही है, वहां कार्रवाई नहीं होती. यह भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं होगा,” उन्होंने कहा.
ऊर्जा मंत्री ने विभाग में कुशल संविदा कर्मियों को बड़ी संख्या में हटाए जाने और उनके स्थान पर अकुशल कर्मियों की मनमानी नियुक्तियों पर गहरी चिंता जताई. उन्होंने कहा, “कुशल कर्मियों को निकालकर अकुशल लोगों को रखना विभाग की कार्यक्षमता को कमजोर कर रहा है.” इसकी समीक्षा करने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए.