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सहारनपुर में फेसबुक पर बने फ्रैंड ने ठगे 73.60 लाख

सहारनपुर में फेसबुक के जरिए दोस्ती कर फोरेक्स ट्रेडिंग में मुनाफे का लालच देकर 73.60 लाख रुपए की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। मामले की जांच में पुलिस ने एक आईटी कंपनी के मालिक को आरोपी बनाया है, जो फर्जी कॉल सेंटर के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साइबर ठगी को अंजाम देता था। साइबर ठग पहले ही रेप केस में जेल जा चुका है, तभी से जेल में है।

पिलखनतला निवासी राव मुदस्सर अली ने 16 मार्च 2024 को थाना साइबर क्राइम में शिकायत दी थी कि फेसबुक पर एक अज्ञात महिला ने उनसे दोस्ती की। इसके बाद टेलीग्राम पर बातचीत शुरू हुई और महिला ने फोरेक्स ट्रेडिंग में भारी मुनाफा होने का झांसा दिया।

महिला के कहने पर पीड़ित ने अलग-अलग खातों में कुल 73 लाख 60 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। बाद में जब पैसा वापस नहीं मिला तो उन्हें ठगी का एहसास हुआ। पुलिस ने इस मामले में धारा 420 आईपीसी और 66डी आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया।

जांच के दौरान पुलिस ने संबंधित खातों को फ्रीज कराया और पीड़ित के 3 लाख रुपए वापस भी कराए। जांच में सामने आया कि पीड़ित के खाते से 29.60 लाख रुपए जिस बैंक खाते में ट्रांसफर हुए थे, वह नोएडा स्थित ZEXWEB प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का था।

पुलिस के मुताबिक, कंपनी का मालिक अंकित अरोड़ा है, जो सेक्टर-78 नोएडा का निवासी है। जांच में पता चला कि आरोपी अंतरराष्ट्रीय स्तर का साइबर ठग है और उसके खिलाफ अलग-अलग राज्यों में सात मुकदमे दर्ज हैं।

साइबर थाना टीम को जांच में यह भी पता चला कि कंपनी के बैंक खाते में साइबर फ्रॉड के जरिए करीब 5 करोड़ 89 लाख 36 हजार 400 रुपए का ट्रांजैक्शन हुआ है। इसके अलावा एनसीआरपी पोर्टल पर इस कंपनी के खिलाफ 23 शिकायतें दर्ज हैं।

पुलिस ने आरोपी की तलाश में कई जगह दबिश दी, लेकिन वह बार-बार अपना ठिकाना बदलता रहा। जांच में सामने आया कि आरोपी नोएडा, ग्रेटर नोएडा और कानपुर में करीब छह अलग-अलग जगहों पर रह चुका है।

बाद में पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी अंकित अरोड़ा नोएडा के सेक्टर-113 थाने में दर्ज एक अन्य मुकदमे में गिरफ्तार होकर गौतमबुद्ध नगर जिला जेल में बंद है। इसके बाद सहारनपुर पुलिस ने अदालत से प्रोडक्शन वारंट लेकर 9 मार्च 2026 को आरोपी को तलब कराया और जेल जाकर उससे पूछताछ की।

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह ZEXWEB प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का मालिक है और कंपनी के नाम पर फर्जी कॉल सेंटर चलाता था। अलग-अलग शहरों में मुकदमे दर्ज होने के बाद उसे कंपनी बंद करनी पड़ी। बाद में वह अपने कर्मचारियों के दस्तावेज लेकर नई फर्जी कंपनी बनाने की तैयारी कर रहा था, तभी पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है।

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