खुर्जा नगर पालिका में भ्रष्टाचार, पार्किंग व्यवस्था को लेकर किसानों ने घेरा
खुर्जा में भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के कार्यकर्ताओं ने नगर पालिका परिसर में भ्रष्टाचार और पार्किंग व्यवस्था को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने अधिशासी अधिकारी (ईओ) पर गंभीर आरोप लगाते हुए विभिन्न मांगों को पूरा करने की मांग की।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष सूबे सिंह डागर ने बताया कि जब वे अपनी गाड़ी नगर पालिका परिसर में खड़ी कर डाकखाने गए थे, तब नगर पालिका के कर्मचारियों ने उनकी गाड़ी के साथ कथित तौर पर बदतमीजी की। डागर का आरोप है कि ईओ ने अपनी गाड़ी उनकी गाड़ी के पीछे लगाकर रास्ता रोक दिया।
डागर ने आगे बताया कि जब उन्होंने इस पर आपत्ति जताई, तो अधिकारियों ने उनकी गाड़ी में “बम होने” जैसी आपत्तिजनक टिप्पणी की। इस पर रोष व्यक्त करते हुए डागर ने कहा कि एक फौजी होने के नाते उनकी गाड़ी में बम कैसे हो सकता है। उन्होंने इसे अपनी अखंडता पर सवाल बताया।
भाकियू कार्यकर्ताओं ने नगर पालिका में व्याप्त भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की मांग की। उनकी मुख्य मांगों में नगर पालिका के कार्यों में हो रही अनियमितताओं और भ्रष्टाचार को तुरंत समाप्त करना शामिल था। इसके अतिरिक्त, उन्होंने शहर में उचित पार्किंग व्यवस्था न होने का मुद्दा उठाया और मांग की कि जब तक पार्किंग स्थल नहीं बनता, तब तक लोग पालिका परिसर में गाड़ियां खड़ी कर सकें। पूर्व में दिए गए ज्ञापनों पर त्वरित कार्रवाई की मांग भी की गई।
सूबे सिंह डागर ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों का निस्तारण नहीं हो जाता, तब तक धरना जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यह “आर-पार की लड़ाई” है और ईओ द्वारा “मर्यादा लांघने” के बाद बिना समाधान के वे वहां से नहीं हटेंगे।
प्रदर्शन के दौरान प्रदीप चौधरी सहित भारी संख्या में किसान यूनियन के कार्यकर्ता मौजूद रहे। समाचार लिखे जाने तक धरना जारी था।
किसानों द्वारा लगाए गए आरोपों-कि ईओ ने गाड़ी में बम होने की बात कही है-पर सफाई देते हुए अनवर हुसैन ने कहा, “मैंने केवल सुरक्षा चिंताओं को व्यक्त किया था। किसी भी अनधिकृत वाहन में कुछ भी संदिग्ध सामान हो सकता है।
इस संबंध में, अधिशासी अधिकारी (ईओ) अनवर हुसैन ने मीडिया से बातचीत के दौरान मामले पर स्पष्टीकरण दिया। कि सरकारी संपत्ति पर बिना अनुमति वाहन खड़ा करना सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर खतरा हो सकता है। ईओ अनवर हुसैन ने बताया कि सुबह कार्यालय पहुंचने पर उन्हें जानकारी मिली कि कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने जबरन पालिका प्रांगण में गाड़ी खड़ी कर दी है। जब उनसे पूछताछ की गई, तो पता चला कि उनका पालिका से संबंधित कोई काम नहीं था। अगर कल को पालिका के वाहनों से बैटरी चोरी हो जाए या कोई अप्रिय घटना घटती है, तो संस्था के प्रमुख होने के नाते मेरी जिम्मेदारी तय होगी।” उन्होंने आगे कहा कि पालिका परिसर में सरकारी वाहन भी खड़े होते हैं। ऐसे में किसी बाहरी व्यक्ति द्वारा मनमाने ढंग से गाड़ी खड़ी करना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि सरकारी संपत्ति को भी जोखिम में डालना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके कर्मचारियों ने केवल गाड़ी हटाने का आग्रह किया था, जिसे अनावश्यक तूल दिया गया।

