मथुरा में मौलवियों का फतवा : बैंडबाजा, DJ बजाया तो हुक्कापानी बंद
मुस्लिमों के निकाह में होने वाली शाह खर्ची को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। मथुरा के मौलवियों ने फतवा जारी किया है, इसमें 3 मेन पॉइंट रखे गए हैं-
1. मुस्लिम चाहे वो शिया हो या सुन्नी, निकाह के आयोजन में बैंडबाजा और DJ नहीं बजाया जाएगा।
2. मुस्लिम निकाह में दूल्हाभाती (परिवार से दूल्हे की तरह सजा हुआ व्यक्ति) रस्म नहीं होगी।
3. शादी मस्जिद में कराई जाएगी, इसके लिए बैंक्वेट हॉल बुक नहीं होंगे।
मौलाना ने कहा- पाबंदी के बावजूद अगर बैंडबाजा और DJ बजाया जाता है, तो इसमें वर और वधू पक्ष के परिवारों का हुक्कापानी बंद कर दिया जाएगा। मथुरा ईदगाह से जारी आदेश लागू हो गया है। इसको यूपी की सभी मस्जिदों को भेज दिया गया है।
मौलवियों ने माना- लोग कर्ज लेकर शाही खर्च कर रहे मथुरा के मौलवी मानते हैं कि सोशल मीडिया के जमाने में लोग बैंडबाजा, DJ, फोटोग्राफी पर बेवजह ही लाखों खर्च करते हैं। लोग कर्ज तक लेते हैं, ऐसा सिर्फ दिखावे के लिए होता है, जबकि ऐसी परिस्थितियों से बचा जा सकता है।
मथुरा के कोसी के सराय इलाके में ईदगाह कमेटी के धर्मगुरुओं ने महापंचायत बुलाई। कमेटी ने परिवारों की घटती कमाई और बढ़ते खर्च का जिक्र करते हुए कड़े नियम बनाए। दंड भी तय किए गए। तय हुआ कि शादी की रस्मों को सादगी भरे अंदाज से निभाना चाहिए।
काजी नहीं पढ़ाएंगे निकाह. अगर किसी भी शादी समारोह (लड़का या लड़की पक्ष) में डीजे या बैंड बजता पाया गया, तो नगर के मौलाना या बाहर से बुलाए गए काजी निकाह पढ़ने की रस्म अदा नहीं करेंगे।
हुक्का पानी बंद. लगातार नियमों की अनदेखी करने वाले परिवारों का सामाजिक बहिष्कार (हुक्कापानी) किया जाएगा। साथ ही, समाज का कोई भी व्यक्ति ऐसे कार्यक्रमों में शिरकत नहीं करेगा और न ही वहां भोजन करेगा।
मौलानाओं पर भी शिकंजा. अगर कोई मौलाना चोरी-छिपे या नियमों के विरुद्ध जाकर निकाह पढ़ता है, तो उन पर भी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। 11 हजार रुपए तक का दंड लगाया जा सकता है।
DJ पर होते है झगड़े, गरीब परिवारों पर पड़ता है बोझ
महापंचायत में मौजूद धर्मगुरुओं ने कहा- शादियों में बजने वाला डीजे न केवल धार्मिक परंपराओं के विपरीत है, बल्कि यह फिजूलखर्ची का बड़ा कारण भी है। अक्सर डीजे के कारण शादियों में आपसी झगड़े और विवाद की स्थिति बन जाती है। इस पहल से गरीब परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करने और समाज के नए लड़कों को एक पॉजिटिव मैसेज देने की कोशिश की गई है।
अब धर्मगुरुओं की बात समझिए
जो मौलाना नहीं मानेंगे, उन्हें 11 हजार रुपए देने होंगे मौलाना मो. अकबर काजिमी कहते हैं- मीटिंग के बाद ईदगाह कमेटी की तरफ से 3 तरह की पाबंदी लगा दी गई है। इन्हें सभी को मानना होगा, नहीं मानने वाले का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। अगर कोई मौलाना भी इन नियमों को नहीं मानता है तो उसके खिलाफ 11 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा।
ईदगाह कमेटी के उपाध्यक्ष हाजी सादिक का कहना है- ईदगाह कमेटी के बैनर के नीचे सभी बिरादरी के लोग इकट्ठा हुए थे। शादियों पर होने वाले फिजूलखर्च को लेकर बड़ा फैसला किए गए हैं। इससे मध्यमवर्गीय परिवारों को शादी करने में मुश्किल नहीं होगी। शादियों में दिखावे से तो सभी को बचना चाहिए। ये वक्त की मांग है, यूपी के सभी लोगों को इसको मानना चाहिए।

