google-site-verification=aXcKQgjOnBT3iLDjEQqgeziCehQcSQVIW4RbI82NVFo
General

यूपी SIR की पहली ड्राफ्ट सूची जारी, वेबसाइट पर चेक करें नाम

यूपी में SIR की पहली ड्राफ्ट सूची जारी हो गई है। अब लोग चुनाव आयोग की वेबसाइट पर जाकर ड्राफ्ट मतदाता सूची में अपना नाम देख सकते हैं। हालांकि, थोड़ी देर में चुनाव आयोग प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विस्तार से इसकी जानकारी देगा।

ड्राफ्ट मतदाता सूची में नाम न होने पर आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए उनके पास एक महीने यानी 6 फरवरी तक का समय होगा। इन्हीं 30 दिनों में दावे और आपत्तियां ली जाएंगी। दावे और आपत्तियां मुफ्त हैं। आयोग ने हेल्पलाइन नंबर- 1950 जारी किया है, जहां सहायता ली जा सकती है। शहरी क्षेत्रों में कम सहयोग को देखते हुए आयोग ने विशेष कैंप लगाने की योजना बनाई है।

3 स्टेप में ऐसे देखें नाम

  1. चुनाव आयोग की वेबसाइट (https://voters.eci.gov.in/download-eroll) पर जाएं।
  2. राज्य और जिला चुनें। इसके बाद अपना विधानसभा क्षेत्र सेलेक्ट करें।
  3. अपना बूथ सेलेक्ट करें और ड्राफ्ट सूची डाउनलोड कर लें।

SIR की शुरुआत में प्रदेश में लगभग 15.44 करोड़ रजिस्टर्ड मतदाता थे। 4 नवंबर से शुरू हुई पहले चरण की SIR प्रक्रिया पूरी होने के बाद ये संख्या 12.55 करोड़ रह गई है। इस दौरान 2 बार यूपी में SIR का समय बढ़ाया गया। पहले 7 और फिर 15 दिन का समय बढ़ाया गया।

दावे और आपत्तियां मुफ्त हैं। 6 फरवरी तक जमा की जा सकती हैं। आयोग ने हेल्पलाइन नंबर- 1950 जारी किया है, जहां सहायता ली जा सकती है। शहरी क्षेत्रों में कम सहयोग को देखते हुए आयोग ने विशेष कैंप लगाने की योजना बनाई है।

SIR का दूसरा चरण मंगलवार से शुरू हो रहा है, जब ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित होगी। पहले ये समय-सारणी में 31 दिसंबर, 2025 को प्रकाशित होनी थी। लेकिन राजनीतिक दलों की मांग पर इसे 6 जनवरी तक बढ़ाया गया।

इस संशोधन के साथ, दावे और आपत्तियों की अवधि भी बढ़ाकर 6 फरवरी, 2026 तक कर दी गई है। इसके बाद दावों और आपत्तियों का निपटारा 26 फरवरी तक होगा। अंतिम मतदाता सूची मार्च के पहले सप्ताह में प्रकाशित की जाएगी।

दूसरे चरण का मुख्य फोकस मतदाताओं को अपनी स्थिति जांचने और सुधार करने का अवसर देना है। ड्राफ्ट सूची में नाम न होने पर नए पंजीकरण, गलतियों पर सुधार या अनुचित नामों पर आपत्ति दर्ज की जा सकती है।

आयोग ने कहा है कि कोई भी योग्य मतदाता छूट न जाए, इसलिए नए मतदाताओं को फॉर्म-6 भरने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। लखनऊ जैसे शहरी क्षेत्रों में स्थिति अधिक चिंताजनक रही, जहां 39 लाख मतदाताओं में से 12 लाख वोटर कम हो गए। इनमें 5.4 लाख दोहरी पंजीकरण वाले और 4.3 लाख अनट्रेसेबल थे। शहरी क्षेत्रों में फॉर्म कलेक्शन की दर ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में काफी कम रही, क्योंकि लोग काम या माइग्रेशन के कारण घर पर उपलब्ध नहीं थे।

कानपुर, गाजियाबाद और नोएडा जैसे शहरों में भी यही समस्या देखने को मिली। प्रमुख जिलों में लखनऊ के अलावा प्रयागराज में 11.56 लाख, कानपुर नगर 9 लाख, आगरा में 8.36 लाख, गाजियाबाद में 8.18 लाख वोटर कम हाे गए।

Umh News india

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *