Ganesh Chaturthi 2025: कर रहे हैं गणेश स्थापना? इन 5 बातों का रखें खास ध्यान
हिन्दू धर्म में गणेश चतुर्थी पर्व का विशेष महत्व होता है. यह त्योहार भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है. सनातन धर्म में कोई भी शुभ या मांगलिक कार्य करने से पहले भगवान गणेश की पूजा की जाती है. गणेश चतुर्थी भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाई जाती है. घर-घर में गणपति भगवान की स्थापना की जाती है. इस दिन लोग अपने घरों में भगवान गणेश की प्रतिमा की स्थापना करते हैं और विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करते हैं. यह पर्व गणेश उत्सव के 10 दिनों की शुरुआत का भी प्रतीक है, जिसे गणपति भक्त बड़े धूमधाम से मनाते हैं, लेकिन अगर पहली बार गणेश जी की स्थापना कर रहे हैं, तो किन बातों का ध्यान रखना चाहिए. आइए जानते हैं उज्जैन के पंडित आनंद भारद्वाज से.
हिंदू पंचांग के अनुसार, भाद्रपद माह की चतुर्थी तिथि की शुरुआत 26 अगस्त को दोपहर 01 बजकर 54 मिनट से होगी. वहीं, इसका समापन 27 अगस्त को लदोपहर 03 बजकर 44 मिनट पर होगा. पंचांग को देखते हुए गणेश चतुर्थी का पर्व 27 अगस्त को शुरू होगा और इसी दिन गणेश स्थापना की जाएगी.
कौनसी प्रतिमा घर लाना शुभ?
– घर मे ज़ब भी भगवान की प्रतिमा घर लाएं तो यह जरूर देखें कि भगवान गणेश की सूंड उनके बाईं तरफ झुकी हो. वैसी मूर्ति बहुत शुभ मानी जाती है. ऐसे में प्रतिमा घर लाने से पहले इस बात का ध्यान जरूर रखें.
– भगवान की प्रतिमा का चयन करें तो कोशिश करें कि भगवान गणेश की बैठी हुई प्रतिमा ही घर लाएं. इससे घर में हमेशा सुख समृद्धि का वास होता है.
– हमेशा भगवान कि हसमुख प्रतिमा ही घर लाएं और इस बात का भी ध्यान रखें कि प्रतिमा में उनका एक हाथ आशीर्वाद देते हुए हो और दूसरे हाथ में मोदक हो.
कैसे करें गणपति बप्पा की स्थापना?
– हमेशा भगवान की प्रतिमा ईशान कोण में स्थापित करनी चाहिए और मुख उत्तर दिशा में रखें. उसके बाद भगवान गणेश की प्रतिमा को चौकी पर रखने से पहले उसे अच्छे से साफ कर लें और गंगाजल छिड़कर शुद्ध करें.
– बप्पा के प्रतिमा के अगल- बगल में रिद्धि-सिद्धि को रखें. इनकी जगह पर आप उनके रूप में सुपारी भी रख सकते हैं. भगवान की मूर्ति के दाई ओर एक कलश रखें और उसमें जल भर दें. इसके बाद हाथ में फूल और अक्षत लेकर गणपति बप्पा का ध्यान करें.