google-site-verification=aXcKQgjOnBT3iLDjEQqgeziCehQcSQVIW4RbI82NVFo
Dailynews

गाजियाबाद : डंपिंग ग्राउंड को लेकर हुए बवाल के बाद किसान धरने पर बैठ गए

गाजियाबाद में डंपिंग ग्राउंड को लेकर हुए बवाल के बाद किसान धरने पर बैठ गए हैं। उन्होंने रविवार को पूरी रात मीरपुर गांव के बाहर धरना दिया। जब वे प्रदर्शन कर रहे थे तो पुलिस उन्हें जबरन हटाने लगी। विरोध करने पर पुलिस से उनकी झड़प हो गई। पुलिस ने गाड़ियों में भरना शुरू किया तो किसान उग्र हो गए।

भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया। इस पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। महिलाओं का कहना है कि विरोध करने पर पुलिस ने उन्हें खेतों में दौड़ा लिया। जब वे गिर गई तो घसीट-घसीट कर पीटा। इसमें कई महिलाएं और बुजुर्ग घायल हो गए। एक बुजुर्ग महिला तो बेहोश हो गई। उन्होंने भागकर जान बचाई।

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को डंपिंग ग्राउंड स्थल से हटाकर क्षेत्र खाली करा दिया। इसके बाद ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर स्थल से लगभग 100 मीटर दूर स्थित मंदिर परिसर में धरने पर बैठ गए। गांववालों का दावा है कि करीब 25 लोग घायल हुए हैं। एक महिला के सिर में गंभीर चोट लगी है, वहीं एक ग्रामीण का कूल्हा टूट गया।

सोमवार को भी वे मीरपुर गांव के बाहर धरने पर बैठे हुए हैं। हालांकि उनमें से कई लोग अब घर वापस जा चुके हैं इस समय 10-15 लोग ही धरने पर हैं। उनका कहना है कि यहां डंपिंग ग्राउंड बनने से पूरे इलाके में बदबू फैलती है। लोग बीमार होते हैं। इस जमीन पर स्कूल या अस्पताल बनाया जाना चाहिए, न कि कूड़ाघर। किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर फोर्स तैनात है। मामला ट्रॉनिका सिटी थाना क्षेत्र का है।

मीरपुर में नगर निगम द्वारा यमुना नदी के खादर क्षेत्र के किनारे बनाए गए डंपिंग ग्राउंड के विरोध में किसान 2 महीने से प्रदर्शन कर रहे हैं। यहां पूरे इलाके का कचरा डाला जाता है, जिससे आसपास के क्षेत्र में दुर्गंध फैल रही है और लोगों के बीमार होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। डंपिंग ग्राउंड को हटाने की मांग को लेकर मीरपुर, पचायरा और बदरपुर गांवों के किसान करीब दो माह से नगर निगम के खिलाफ धरना दे रहे हैं।

रविवार को किसान अचानक डंपिंग ग्राउंड स्थल पर पहुंच गए। दोपहर करीब 2 बजे से ही माहौल तनावपूर्ण होने लगा। जैसे ही किसानों को जानकारी मिली कि पुलिस गिरफ्तारी के लिए ट्रक और वैन लेकर पहुंची है, प्रदर्शनकारियों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी। आक्रोशित किसानों ने नारेबाजी शुरू कर दी।

स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब पुलिस ने बल का प्रयोग किया। इस दौरान धक्का-मुक्की भी हुई और पुलिस के खिलाफ नारे लगाए गए। मौके पर चार थानों से आए 100 से अधिक पुलिसकर्मी लाठी के साथ तैनात थे, ताकि हालात को नियंत्रित किया जा सके। इसी दौरान किसानों ने पथराव शुरू कर दिया। स्थिति बिगड़ने पर डीसीपी देहात सुरेंद्रनाथ तिवारी और एसीपी लोनी सिद्धार्थ गौतम के नेतृत्व में पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इस घटना में करीब 25 लोग घायल हो गए। एक महिला के सिर में गंभीर चोट आई है, जबकि एक ग्रामीण का कूल्हा टूट गया।

लाठीचार्ज से बचने के लिए कई किसान पास के गेहूं के खेतों में चले गए, लेकिन पुलिस ने वहां भी उन्हें दौड़ाकर पीटा। हंगामा बढ़ते ही नगर निगम के अधिकारी और मजिस्ट्रेट मौके से भाग गए।

Umh News india

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *