चित्रकूट के घाट पे, भई संतन की भीड़, तुलसीदास चंदन घिसें,तिलक देत रघुवीर : आचार्य नवल किशोर जी
25 दिसंबर 2025 श्री गोपाल संकीर्तन मंडल मधुबन पीली कोठी खुर्जा के 39 वें वार्षिक उत्सव के अवसर पर निष्काम भक्ति ज्ञान यज्ञ के रूप में दूसरे दिन की दिव्य मानस कथा में कथा प्रवर आचार्य नवल किशोर जी महाराज ने भगवान राम के अनन्य भक्त हनुमान जी के चरित्र की कथा का वर्णन करते हुए कहा कि जहां राम की कथा होती है ,वहां हनुमान जी अवश्य पहुंचते हैं। क्योंकि हनुमान जी राम कथा के रसिया हैं, चारों युगों में इनकी महिमा का वर्णन मिलता है। हनुमान जी अजर अमर है। जिस पर हनुमान जी की कृपा होती है। उस पर भगवान राम अवश्य कृपा करते हैं। गोवर्धन की परिक्रमा में भी पूछरी के लोठा अर्थात पूछरी के पहलवान हनुमान जी को जब तक भक्त प्रणाम नहीं करते, तब तक उनकी परिक्रमा पूर्ण नहीं होती है। हनुमान जी ने ही तुलसीदास जी को भगवान राम के दर्शन कराये। चित्रकूट के घाट पर जब तुलसीदास चंदन घिस रहे हैं और भगवान उनके सामने से निकल गए, लेकिन तुलसीदास ने भगवान राम को नहीं पहचाना ।तब दूसरे दिन हनुमान जी ने जब तुलसीदास चंदन घिस रहे थे तब हनुमान जी ने तुलसीदास को संकेत किया, चित्रकूट के घाट पर, भई संतन की भीड़ , तुलसीदास चंदन जी घिसें, श्रतिलक देत रघुवीर। इस प्रकार से तुलसीदास भगवान राम को पहचान पाए। तुलसीदास भगवान राम की ओर एक टक होकर के निहारने लगे। तुलसीदास को भगवान राम का आशीर्वाद प्राप्त हुआ। आज की कथा में मंडल के समर्पित कार्यकर्ता जगदीश चंद्र बैंक वाले, कौशल शर्मा, राजेश पचौरी, विनय वर्मा, मोहित मित्तल ,जय भगवान अग्रवाल, दिनेश प्रदीप, ठाकुर दुष्यंत सिंह ,सौरभ बंसल, अरुण बंसल, अवनेश बंसल, नीलिमा बंसल ,रानी पचौरी, मंजू अग्रवाल , ललिता अग्रवाल, विपिन अग्रवाल, डा0आर 0सी0 वर्मा, मनोज अग्रवाल, के0 के0 बंसल, संजीव अग्रवाल ,आदि का सहयोग रहा ।

