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ज्ञानवापी का श्रृंगार गौरी मंदिर एक साल बाद खुला, 2 किमी लंबी लाइन

वाराणसी की ज्ञानवापी में मां श्रृंगार गौरी मंदिर के दर्शन के लिए रविवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। दर्शन के लिए 2 किलोमीटर लंबी कतार लग गई। यह मंदिर हर साल चैत्र नवरात्रि के चौथे दिन दर्शन के लिए खोला जाता है। यानी, अब यह मंदिर अगले साल खुलेगा।

ज्ञानवापी की वादी चार महिलाएं भी पूजा-अर्चना के लिए पहुंचीं। इन्होंने ‘ज्ञानवापी मुक्त करो’ के नारे लगाए। इन महिलाओं ने ज्ञानवापी के मंदिर होने का दावा करते हुए कोर्ट में केस कर रखा है।

भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। सुरक्षा घेरे में श्रद्धालुओं की एंट्री कराई गई। 25 मिनट की पूजा के दौरान श्रृंगार गौरी मंदिर के प्राचीन पत्थरों को सिंदूर-चंदन लगाया गया। मंत्र पढ़कर मां की आराधना की गई। श्रद्धालु शंखनाद और डमरू की गूंज के बीच ‘हर-हर महादेव’ के जयकारे लगाते रहे। ऑस्ट्रेलिया की मारिया भी माता के जयकारे लगाती रहीं।

1992 के बाद नियमित पूजा पर लगी रोक 1992 तक मां श्रृंगार गौरी का नियमित दर्शन-पूजन किया जाता था। अयोध्या में बाबरी विध्वंस के बाद सुरक्षा कारणों से नियमित दर्शन पर रोक लगा दी गई। इसके बाद साल में एक दिन चैत्र नवरात्रि के चौथे दिन दर्शन के लिए मंदिर खोला जाने लगा।

18 अगस्त 2021 को 5 महिलाओं ने वाराणसी कोर्ट में नियमित पूजा को लेकर वाद दायर किया था। मां श्रृंगार गौरी की नियमित पूजा की अनुमति मांगी गई थी। कोर्ट के आदेश पर परिसर में सर्वे कराया गया था। सर्वे के बाद हिंदू पक्ष ने दावा किया था कि परिसर के तहखाने में शिवलिंग मौजूद है, जबकि मुस्लिम पक्ष ने इसे फव्वारा बताया था।

पांच याचिकाकर्ताओं का नेतृत्व दिल्ली की राखी सिंह कर रही हैं। बाकी चार महिलाएं सीता साहू, मंजू व्यास, लक्ष्मी देवी और रेखा पाठक बनारस की हैं।

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