ईरान से लड़ते हुए इजरायल का कैसे निकला दम!
इजरायल ने अमेरिका के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ जो जंग छेड़ा है, उसमें दम निकला जा रहा है. ऐसा हम नहीं कह रहे हैं, बल्कि अमेरिकी विदेश विभाग की तरफ से जारी आंकड़ा कह रहा है, जिसके अनुसार इजरायल को हजारों की संख्या में बम मुहैया कराने की बिक्री को मंजूरी दे दी है. इजरायल और उसके बिग ब्रदर अमेरिका को ईरान की तरफ से इतने तगड़े पलटवार का अंदाजा नहीं था. ईरान की तरफ से इजरायल में बमों की बरसात हो रही है. तेल अवीव में लगातार बजते सायरन के बीच लोग जान बचाने के लिए सड़कों पर शेल्टर तलाश रहे हैं. इजरायल के पास मौजूद हथियारों का बेड़ा लगभग खाली होने की कगार पर है. ऐसी स्थिति में उसने फिर से अपने बिग-बी यानी अमेरिका की तरफ उम्मीद भरी निगाहों से देखा है, जहां से हथियारों की नई खेप की मंजूरी भी हो गई है.
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और युद्ध की स्थिति के बीच अमेरिका ने इजरायल को बड़े पैमाने पर हथियार बेचने की मंजूरी दे दी है. यह डील अहम इसलिए भी है क्योंकि अमेरिकी संसद में मंजूरी की प्रक्रिया के बिना ही आपातकालीन फंड के नाम पर तुरंत ग्रीन सिग्नल दे दिया गया है. अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को ‘आपातकालीन’ आधार पर इजरायल को 12000 बम केसिंग (बम के बाहरी खोल) की बिक्री को मंजूरी दी.
अमेरिका ने इजरायल को 151.8 मिलियन डॉलर यानी भारतीय मुद्रा में करीब 1300 करोड़ रुपये कीमत के हथियारों की इमर्जेंसी सैन्य बिक्री को मंजूरी दी है. इस सौदे के तहत इजरायल को 12 हजार BLU-110A/B कैटिगरी के 450 किलोग्राम के बम दिए जाएंगे. अमेरिकी विदेश विभाग ने इसे आपातकालीन आधार पर मंजूरी दे दी है. इस डील में सामान्य संसदीय समीक्षा प्रक्रिया को दरकिनार किया गया. अधिकारियों का कहना है कि इससे इजरायल को मौजूदा और भविष्य के खतरों से निपटने में मदद मिलेगी.
एक्सपर्ट्स के मुताबिक ईरान के पास अलग-अलग दूरी तक मार करने वाली कई बैलिस्टिक मिसाइलें मौजूद हैं, जिसकी मदद से ईरान की तरफ से क्लस्टर बम का यूज भी किया जा रहा है. यह एक ऐसा हथियार होता है जो हवा में जाकर कई छोटे-छोटे बमों में टूट जाता है. एक बड़े बम के अंदर दर्जनों या कभी-कभी सैकड़ों छोटे बम होते हैं. आमतौर पर क्लस्टर बमों को गिराने के लिए बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया जाता है. लगातार हो रहे इन हमलों ने इजरायल की एयर डिफेंस सिस्टम पर भी दबाव बढ़ा है. हालांकि इजरायल का मशहूर आयरन डोम कई मिसाइलों को हवा में ही नष्ट करने की कोशिश करता दिखा, लेकिन यह भी बेबस नजर आया.
विदेश मंत्रालय ब्यूरो ने कहा,’यह प्रस्तावित सौदा इजरायल की वर्तमान और भविष्य के खतरों से निपटने की क्षमता को बेहतर बनाएगा, उसकी घरेलू रक्षा को मजबूत करेगा और क्षेत्रीय खतरों के खिलाफ एक निवारक के रूप में काम करेगा. इस सौदे में सिर्फ हथियार ही नहीं बल्कि अमेरिकी सरकार और ठेकेदारों की इंजीनियरिंग, लॉजिस्टिक्स और तकनीकी सहायता सेवाएं भी शामिल होंगी.
ट्रंप ने हथियार उत्पादन बढ़ाने की बात कही
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर कहा कि प्रमुख अमेरिकी रक्षा कंपनियों ने उन्नत हथियारों के उत्पादन को चार गुना बढ़ाने पर सहमति जताई है. यह बयान उस समय आया है जब अमेरिका और इज़राइल ने एक सप्ताह पहले ईरान के खिलाफ सैन्य हमले शुरू किए थे, जिसके बाद क्षेत्र में युद्ध का खतरा लगातार बढ़ रहा है.

