आईडीएफसी फर्स्ट बैंक 590 करोड़ घोटालाः साले की वजह से फंसे जीजा और बहन
पंचकूला. हरियाणा में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में सरकारी खातों में 590 करोड़ की धोखाधड़ी मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. आरोपी रिषभ ऋषि और अभय का 14 दिन का रिमांड मांगा, जबकि अन्य दो आरोपियों का 7 दिन का डिमांड मांगा गया था लेकिन इस मामले को लेकर कोर्ट ने सभी आरोपियों का 7 दिन का रिमांड दिया है.
हरियाणा के एंटी करप्शन ब्यूरो डीजीपी डॉक्टर एएस चावला ने बुधवार को इस संबंध में प्रेस कॉन्प्रेंस की. डीजीपी डॉक्टर एएस चावला ने बताया कि चंडीगढ़ में सेक्टर-32 आईडीएफसी बैंक गड़बड़ी की गई थी. मामले में मास्टरमाइंड रिभव ऋषि और अभय से एंटी करप्शन ब्यूरो पूछताछ करेगी.
बचाव पक्ष के वकील यवनित ढाकला ने बताया कि गिरफ्तार चार आरोपियों में से तीन आरोपियों की तरफ से वह वकील है और उन्होंने बताया कि उनके क्लाइंट को गिरफ्तार करने से पहले कोई नोटिस या जानकारी नहीं दी गई. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के मुताबिक गिरफ्तार करने के पहले नोटिस दिए जाने चाहिए थे जो नहीं दिए गए और नोटिस दिए जाने पर अपना पक्ष रख सकते थे.
जानकारी के अनुसार, इस घोटाले में अभिषेक सिंगला, अभय और स्वाति और रिषभ शामिल थे. . डीजीपी चावला ने बताया कि रिषभ और ऋषि के कहने पर अभय कुमार ने स्वाति और अभिषेक के नाम पर फर्जी कंपनियां शुरू कीं. बहन स्वाति सिंगला और उनके पति अभिषेक सिंगला को बिजनेस पार्टनर बताते हुए कई फर्जी कंपनियां बनाई.
फर्जी कंपनी में 300 करोड़ का लेनदेन
रिषभ आईडीएफसी बैंक का मैनेजर और अभय रिलेशनशिप मैनेजर था. मोहाली का खरड़ का अभय भी बैंक कर्मचारी रहा और उसने अपनी बहन स्वाति सिंगला और पति अभिषेक सिंगला को भी प्लान में शामिल कर लिया. अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के हर्षद मेहता को अपना आदर्श मानते हैं. हर्षद मेहता ने 1992 में शेयर बाजार में 5 हजार करोड़ का घोटाला किया था. जांच में पता चला है कि फर्जी कंपनी स्वास्तिक देश इंडिया फर्म से में सरकारी खातों से 300 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ था.
आरोपियों ने 100 से अधिक बैंक खाते खोले
अमर उजाला की खबर के अनुसार, आरोपियों ने 100 से अधिक बैंक खाते खोले और फिर बंद करवा दिए. इन खातों में पैसे ट्रांसफर कर निकाले गए. एसीबी की टीम चंडीगढ़, मोहाली, पंचकूला के अलावा, गुरुग्राम तक जांच करेगी. बताया जा रहा है कि इस स्कैम में ज्वेलर्स, बिल्डर्स, रियल एस्टेट, शेयर मार्केट, शराब कारोबारियों के खातों में पैसे भेजे गए थे.

